‘वैक्सीन मिलने तक ना खुले स्कूल’

– प्रिंसिपलों ने कहा : ‘हजारों बच्चों की जिन्दगी का है सवाल’

कोलकाता : कोरोना काल की वजह से लगभग 8 महीने से सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और इसके खुलने की संभावना अभी भी नहीं जतायी जा रही है। बता दें कि इस संबंध में बीते दिनों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि काली पूजा के बाद स्कूल खुल सकते हैं पर अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है। वहीं शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के बाद ही स्कूल खोलने का निर्णय लिया जायेगा। इन सबके बीच स्कूल खुलने के लिए कितने तैयार हैं ? क्या अभी उचित समय है स्कूल खोले जाने का ? ये सवाल इसलिए क्योंकि हाल में कई ऐसे मामले सामने आये हैं जहां स्कूल खुलते ही बंद करने पड़े। इसका कारण था कि स्कूल खुलने के साथ ही सैकड़ों बच्चे संक्रमित हो गये थे। ना केवल देश बल्कि विदेशों में भी स्कूल खुलने के बाद संक्रमण के कई मामले सामने आये। इस संबंध में सन्मार्ग ने बात की कुछ स्कूलों के प्रिंसिपलों से। उनका स्पष्ट तौर पर कहना है कि जब तक कोरोना का कोई स्थायी उपाय या फिर वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक स्कूल बंद रखना ही सही होगा।

रिसड़ा विद्यापीठ विद्यालय के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक स्कूल बंद रखना ही सभी विद्यार्थियों के लिए उचित होगा क्योंकि हमारे स्कूल में सैकड़ों की संख्या में बच्चे हैं। सभी बच्चों पर एक साथ ध्यान रखना संम्भव नहीं है। अगर किसी कारण एक बच्चा भी इफेक्टिव होता है तो सैकड़ों बच्चों की जान पर बन आयेगी। इसलिए कोरोना का कोई उपाय निकाले बिना स्कूल खोलना खतरे से खाली नहीं होगा।

ला मार्टिनियर फॉर ब्वायज के प्रिंसिपल जॉन रफी ने कहा कि हमारा स्कूल खुलने को तैयार है, बस राज्य सरकार के आदेश का इंतजार है। हालांकि मेरा मानना है कि जब तक वैक्सीन नहीं आती तब स्कूल बंद ही रहना चाहिए। वहीं शिक्षायतन स्कूल की प्रिंसिपल संगीता टंडन ने कहा कि हमारा स्कूल भी खुलने को पूरी तरह से तैयार है, लेकिन मेरा मानना है कि अगर स्कूल खुलते भी हैं तो फिलहाल कक्षा 8 तक के बच्चों को नहीं बुलाना ही ठीक रहेगा। 10वीं और 12वीं के ही बच्चों को बुलाया जाए और वह भी केवल परीक्षा से संबंधित कुछ कार्य रहने पर केवल सीनियर बच्चों को ही बुलाया जाए। एक अन्य स्कूल के प्रमुख ने बताया कि हम शुरुआत में केवल वरिष्ठ कक्षाओं 9 से 12 तक छात्रों को ऑन-कैंपस में भाग लेने के लिए कहेंगे। इसके अलावा ऑनलाइन कक्षाएं उन लोगों के लिए एक साथ चलेंगी, जो घर पर रहने का विकल्प चुनेंगे।

खुलते ही बंद करने पड़े स्कूल

मिजोरम में 16 अक्टूबर से स्कूलों को खोला गया था। कोरोना के दर्जनभर मामले सामने आ गए। छात्रों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया। वहीं,हरियाणा में भी स्कूल खुलने साथ ही उनको बंद करना पड़ा। हरियाणा के स्कूलों के खुलते ही 175 छात्र कोरोना पॉजिटिव पाये गये। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में भी 80 टीचर कोराना संक्रमित पाए गए थे।

 

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