…तो क्या बंगाल में लग जायेगा राष्ट्रपति शासन

सन्मार्ग संवाददाता
नयी दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किये जाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई है। इसके साथ ही चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा के 16 कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले की जांच कराने के लिए एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (सिट) गठन करने का आदेश देने की अपील की गई है। इसके लिए बंगाल की कानून और व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का हवाला दिया गया है। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पार्टी बनाया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय ने यह पीआईएल दायर की है। इसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा का चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा के 16 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। इसकी जांच के लिए कोर्ट की मॉनिटरिंग में सिट इसकी जांच करे। इसके साथ ही अपील की गई है कि वह केंद्र सरकार को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आदेश दे। इसके लिए संविधान की धारा 356 का इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही अपील की गई है कि वह प‌श्चिम बंगाल की मौजूदा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के बारे में राज्यपाल से एक रिपोर्ट तलब करे। इसमे कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में कानून एवं व्यवस्था नहीं रह गई और कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने में संवैधानिक मशीनरी पूरी तरह नाकाम रही है। इसमें कहा गया है कि सत्तारूढ़ दल के निर्देश पर ही पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय रही है। यहां उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जिन्होने विधानसभा चुनाव में विरोधी दलों को वोट दिया था।

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