शहीद दिवस पर ममता का भाषण देशभर के लोगों तक पहुंचाने की तैयारी

पहली बार तमिलनाडु, दिल्ली, पंजाब, त्रिपुरा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में होगा प्रसारण
अलग-अलग राज्यों में स्थानीय भाषाओं में अनुवादित होगा सीएम का भाषण
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस विधानसभा चुनावों में भारी जीत के बाद अब 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गयी है। इसके मद्देनजर तृणमूल कई कदम उठाने जा रही है। तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई को शहीद दिवस पर अपने सबसे बड़े वार्षिक कार्यक्रम के जरिए अलग-अलग राज्यों में विभिन्न भाषाओं में पार्टी प्रमुखव सीएम ममता बनर्जी के भाषण का प्रसारण करके देशभर के लोगों तक पहुंचने की योजना बना रही है। बता दें कि कोविड काल की वजह से इस बार भी यह कार्यक्रम वर्चुअल मोड में होगा। सीएम वर्चुअली माध्यम से संबोधन करेंगी। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ममता बनर्जी के भाषण को बंगाल में बड़े पर्दों पर प्रसारित किया जाएगा और पहली बार तमिलनाडु, दिल्ली, पंजाब, त्रिपुरा, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे दूसरे राज्यों में भी इसका प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बंगाल में भाषण बंगाली में प्रसारित किया जाएगा जबकि अलग-अलग राज्यों में स्थानीय भाषाओं में अनुवादित भाषण प्रसारित किया जाएगा। वर्ष 1993 में कोलकाता में युवा कांग्रेस की रैली में पुलिस की गोलीबारी में मारे गये 13 लोगों की याद में तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई के दिन को शहीद दिवस के रूप में पालन करती है।
गुजरात के जिलों में भी ममता की गुंज
तृणमूल के एक नेता ने बताया कि इस बार शहीद दिवस पर होने वाला मुख्यमंत्री का भाषण गुजरात में भी लोग सुन सकेंगे। गुजरात के लगभग 30 से अधिक जिलों में बड़े पर्दों पर इसका इसका प्रसारण होगा। इस कार्यक्रम के बारे में लोगों को सूचित करने के लिए गुजराती में पुस्तिका वितरित की गयी है। उल्लेखनीय है कि गुजरात में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा, मोदी और शाह ने बंगाल चुनावों के दौरान भाजपा के अभियान की कमान संभाली थी। अब गुजरात और अन्य राज्यों में दीदी का संदेश फैलाने की हमारी बारी है।’ पार्टी उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। उत्तर प्रदेश में भी अगले साल चुनाव होने हैं।
दक्षिणी राज्यों में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटी तृणमूल
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने अन्य राज्यों में भी टीएमसी की पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया था। भाजपा से टीएमसी में लौटे मुकुल रॉय को देशभर में पार्टी की मौजूदगी बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है। अन्नाद्रमुक नेता जयललिता की तरह ममता बनर्जी को ‘अम्मा’ बताते हुए चेन्नई में पोस्टर लगाए गए हैं। टीएमसी दक्षिणी राज्यों में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। राष्ट्रीय राजनीति में अनुभव रखने वाली ममता बनर्जी ने कहा कि वह 21 जुलाई के कार्यक्रम के बाद नयी दिल्ली का दौरा करेंगी, जहां वह ‘पुराने और नए मित्रों’ से मुलाकात करेंगी। वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य शीर्ष विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात कर सकती हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात का समय मिलता है, तो वह उनसे भी मुलाकात करेंगी।

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