विश्वविद्यालयों में तैयारी है पूरी, वाइस चांसलर्स ने फैसले का किया वेलकम

* 20 महीने बाद खुलने जा रहे हैं स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय
* फिलहाल कैंटीन रहेगी बंद, भीड़भाड़ की नहीं होगी अनुमति
* कॉलेज – यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए दोनों डाेज जरूरी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण लंबे समय से शिक्षण संस्थान बंद हैं, हालांकि पढ़ाई ऑनलाइन जारी है। अब राज्य सरकार ने स्कूल कॉलेजों को खोलने की घोषणा कर दी है। सोमवार को सीएम ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में आयोजित प्रशासिनक बैठक में कहा कि 15 नवंबर से स्कूल-कॉलेज खुलेंगे। हालांकि इस दिन सरकारी छुट्टी होने के कारण 16 नवंबर से शिक्षण संस्थान खुलेंगे। इस फैसले का शिक्षा जगत ने स्वागत किया है। विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों ने सीएम के फैसले का वेलकम किया है। लंबे समय के बाद एक बार फिर से शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी की जा रही है। कक्षा 9 से यूनिवर्सिटी तक पढ़ाई ऑफलाइन शुरू होगी। इस पर विश्वविद्यालयों में कैसी तैयारी है, सन्मार्ग ने इस विषय पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर से बात की।
हमारी तैयारी पूरी है – सोनाली चक्रवर्ती बंद्योपाध्याय
कलकत्ता विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर सोनाली चक्रवर्ती बंद्योपाध्याय ने सन्मार्ग से बताया कि हायर एडुकेशन के ऑर्डर का सम्मान करते हुए इसे स्वीकारते हैं। हमलोग काफी पहले से ही कोविड काल को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू कर चुके हैं। नियमित कक्षाओं में सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। नियमित रूप से साफ – सफाई हाेती है।
हमलोग इस घोषणा का स्वागत करते हैं – अनुराधा लोहिया
प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर अनुराधा लोहिया ने भी इस घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक ऑर्डर नहीं मिला है कि किस प्रारूप में शिक्षण संस्थान खुलेंगे। हमलोग ऑर्डर आने का इंतजार कर रहे हैं। बहरहाल, लंबे समय के बाद एक बार फिर से शिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा का हमलोग स्वागत करते हैं।
बेहद ही सराहनीय कदम है – सुरंजन दास
जादवपुर विश्वविद्यालय के वीसी सुरंजन दास ने कहा कि काफी समय बाद स्कूल कॉलेज खुलने जा रहे हैं। यह अच्छा फैसला है। साथ ही हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर हम सभी कोविड नियमों को मानकर आगे बढ़ते हैं तो सब ठीक होगा। इसमें सभी की सहयोगिता जरूरी होगी।
एक नजर इस पर
* कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में छात्र – छात्राओं के लिए दोनों डोज जरूरी
* कॉलेजों में टीचर्स, स्टाफ सभी के लिए भी डबल डोज अनिवार्य होगा
* मास्क, सैनिटाइजर तथा कक्षा में डिस्टेंस अनिवार्य होगी
* हालांकि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि एक साथ एक दिन में कितने विद्यार्थियों को बुलाना है

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