पहाड़ पर राजनीतिक गर्मी बढ़ी

कालिम्पोंगः राज्य के साथ ही अब पहाड़ की राजनीति भी गरमाने लगी है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के महासचिव जीटीए प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन अनित थापा भी आगामी मंगलवार यानी कि कल एक आंतरिक बैठक करेंगे। इसमें पार्टी के अध्यक्ष विनय तमांग भी शामिल हो सकते हैं।

यह विशेष बैठक कलिम्पोंग में ही की जायेगी। इसका मुख्य उद्देश्य है कि विमल गुरुंग के पहाड़ में आने के बाद क्या फेरबदल हो सकते हैं, इस पर समीक्षा की जायेगी। वहीं गोजमुमो अध्यक्ष विमल गुरुंग आगामी 6 दिसंबर को यहां आ रहे हैं। गोजमुमो के अन्य महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि 6 को विमल गुरुंग यहां आएंगे। यहां हम बताते चलें कि गोजमुमो में दो अध्यक्ष व दो महासचिव हैं। दोनों ही एक दूसरे के आमने-सामने हैं।

6 दिसंबर को दार्जिलिंग आएंगे विमल गुरुंग
दूसरी तरफ रोशन गिरि व दीपेन माले सिलीगुड़ी पहुंचे हैं। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के अध्यक्ष विमल गुरुंग भी 6 दिसंबर को यहां पहुंच रहे हैं। गोजमुमो के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि 6 दिसंबर को विमल गुरुंग की सभा सिलीगुड़ी के बाघाजतीन पार्क में होगी। यदि उक्त पार्क छोटा पड़ जाता है तो फिर किसी और जगह भी जनसभा की जा सकती है। सिलीगुड़ी की जनसभा के बाद विमल गुरुंग पहाड़ पर चले जाएंगे। अगले लोकसभा चुनाव यानी 2024 में जो गोरखालैंड का पक्षधर होगा उसी को हमारा समर्थन मिलेगा।

रोशन गिरि ने कहा कि विनय तामांग व अनित थापा ने ही पहाड़ को बर्बाद कर दिया है और वहां अशांति उत्पन्न कर रखी है। पहाड़ की बहुसंख्यक आबादी गोरखाओं के आदोलन के सबसे प्रभावशाली चेहरा, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) अध्यक्ष विमल गुरुंग लगभग तीन साल तक भूमिगत रहने के बाद अब फिर सार्वजनिक जीवन में वापस आ चुके हैं। गत 21 अक्टूबर को वह कोलकाता में प्रकट हुए। उनके पुन: प्रकट होने पर पहाड़ पर इस ठंडी में गर्मी पैदा हो गई है। इसे तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का ‘मास्टर स्ट्रोक’ भी कहा जा सकता है।

 

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