ट्रैफिक गार्ड के ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर का मरम्मत कराएगी पुलिस

कोविड के खिलाफ जंग में लालबाजार ने कसी कमर
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना की दूसरी लहर के दौरान शहरवासियों की हालत खराब है। अस्पताल में बेड के साथ-साथ ऑक्सीजन की मात्रा में काफी वृद्ध‌ि दर्ज की गयी। ऐसे में कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक गार्डों में खराब पड़े ऑक्सीजन कंसेंट्रटर को मरम्मत करने का काम लालबाजार की ओर से चालू किया जा रहा है। अगर ट्रैफिक पुलिस का कोई कर्मी बीमार पड़ता है और उसे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो उक्त ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर के जरिए पुलिस कर्मी का प्राथमिक इलाज शुरू किया जा सके। सूत्रों के अनुसार कोलकाता पुलिस के 25 ट्रैफिक गार्ड में खराब होकर पड़े ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर को लालबाजार ने वापस ले लिया है। एक सप्ताह के अंदर सभी खराब पड़े ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर को ठीक करके वापस ट्रैफिक गार्डों को सौंप दिया जाएगा। इसके लिए एक विदेशी संस्था से कोलकाता पुलिस के अधिकारी बातचीत कर रहे हैं। यही नीहं अगर उक्त ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर ठीक नहीं हउआ तो नए मशीन खरीदकर ट्रैफिक गार्डों को दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार 8 साल पहले सभी ट्रैपिक गार्डों को उनके ऑफिसर और कर्मियोंके इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर दिया गया था। हालांकि सही से रखरखाव नहीं होने की वजह से वे सभी खराब हो गए। फिचले साल कोरोना के समय इन कंसेंट्रेटर की खोज खबर लेने के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर के बीच पूरे देश भर में ऑक्सीजन की भारी कमी देखी गयी है। खासतौर पर कोलकाता में भी ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी देखी गयी । ऐसे में इन ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर के बारे में सबी ट्रैपिक गार्ड से पता लगाया गया। जांच में पता चला कि दो ट्रैफ‌िकगार्ड छोड़कर सभी ट्रैफिक गार्ड में ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर खराब पड़े हैं। इसके बाद ही इस सप्ताह लालबाजार ने सभी यंत्रों को वापस ले लिया। उन सभी को ठीक करके उन्हें नये तरीके से व्यवहार लायक बनाया जा रहा है। ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर एक इलेक्ट्र‌िकल डिवाइस है। यह हवा से ऑक्सीजन अलग करने में सक्षम है। सड़क पर काफी देर तक ड्यूटी करने पर बीमार पड़ने से पुलिस कर्मी गार्ड में जाकर उक्त डिवाइस के जरिए ऑक्सीजन लेते थे। लालबाजार के अधिकारी ने बताया कि कोरोना से बटने के लिए फोर्स को सभी तरह के सतर्कता मूलक उपार अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी गार्ड को थर्मन गन दिया गया है। अगर किसी के शरीर का तापमान अधिक होता है तो उसे तुरंत आइसोलेशन में भेजने का निर्देश दिया गया है।

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