लोकल ट्रेनों के बंद होने से लोग हुए परेशान

हॉकरों व मिठाई व्यवसायियों के सामने चुनौतियां बढ़ीं
बनगांव/बैरकपुर : गुरुवार से 14 दिनों के लिए सरकारी​ निर्देश पर सभी लोकल ट्रेनें बंद कर दी गयी हैं और पहले ही दिन इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करते हुए देखा गया। लोकल ट्रेनों के बंद होने से जहां नित्य यात्रियों को परिवहन में समस्या हो गयी वहीं ट्रेनों में सामानों को बेचकर रोज की कमाई पर जीने वाले हॉकरों के सामने तो रोजीरोटी की परेशानी खड़ी हो गयी है। ट्रेनों के अगले 14 दिनों तक बंद होने से मिठाई विक्रेता, कच्ची​ सब्जियां बेचनेवालों के सामने भी कई तरह की चुनौतियां आ खड़ी हुई है। बनगांव लोकल व अन्य लोकल ट्रेनों से मिठाई भेजने वाले बनगांव के मिठाई कारखाने के मालिक विमल घोष ने कहा कि मिठाई की खरीद व बेचने पर हजार लोगों को परिवार चलता है जो कि लोकल ट्रेनों के जरिये ही हो पाता अतः ट्रेन के बंद होने से यह सीधे-सीधे रुक गया है। उन्होंने कहा​ कि ​मिठाई की खपत नहीं होने से छेना की जरूरत नहीं पड़ेगी और दूध उत्पादन पर भी इन 15 दिनों में काफी प्रभाव पड़ जायेगा। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि 14 दिनों के बाद सरकार इस ओर भी जरूर विचार करेगी। वहीं ट्रेनों में कंघी और अन्य छोटी-मोटी जरूरत की चीजों को बेचने वाले हॉकरों ने कहा कि सियालदह शाखा की ट्रेनों में यह सब बेचकर ही वे अपना पेट पालते हैं मगर अब इन चीजों की बिक्री नहीं हो पा रही है। लोग स्टेशन की ओर भी नहीं आ रहे हैं जिससे उन्हें घूम-घूमकर सामान बेचने पर भी कोई कमाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पिछले साल उन्होंने काफी कुछ खो दिया है मगर फिर एक बार बेरोजगारी उन्हें कुचल रही है। सियालदह शाखा की लोकल ट्रेनों की बंद रहने का असर यहां की बसों पर भी पड़ा। बैरकपुर व बारासात बस डिपो के सामने लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं मगर 50 प्रतिशत से भी कम बस लोगों के लिए उपलब्ध होने से बसों में भारी भीड़ देखी गयी। वहीं इस बात को लेकर भी लोगों में चर्चा शुरू हो गयी कि परिवहन की कमी से लोगों को भीड़ जुटाकर आना-जाना पड़ेगा और इससे संक्रमण की आशंका और बढ़ जाती है। यहां बता दें कि गत बार ही 8 महीने बाद 11 नवंबर को ट्रेन चालू किये गये थे और अब 6 महीने बाद पुनः संक्रमण रोध के लिए लोकल ट्रेन को बंद किया गया है।

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