कोरोनाः लॉकडाउन में कुछ ऐसा है महानगर के ओपीडी का हाल

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः राज्य में 30 मई तक लॉकडाउन है। ऐसे में वाहनों का परिचालन बंद है। हालांकि चिकित्सा से जुड़ी व एमरजेंसी परिसेवा जारी है। लेकिन देखा जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण ओपीडी में इन दिनों लोगों की संख्या अचानक कम हो गई है। ऐसे में अस्पतालों ने एक बार फिर से ऑनलाइन कंसलटेशन पर जोर देना शुरू कर दिया है। ऐसे में इससे लॉकडाउन का जनता उल्लंघन भी नहीं कर पाएगी और साथ ही उन्हें घर बैठे स्वास्थ्य परिसेवा भी मिल जाएगी। सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स के सीओओ डॉ. सिमरदीप गिल ने कहा कि कोरोना वायरस के सेकेंड वेव से लोग संकट में हैं। संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग से बचाए रखने में डिजिटल प्लेटफॉर्म काफी कारगर साबित हो रहा है। अब देखा जा रहा है कि काफी लोग ऑनलाइन ही चिकित्सकीय परामर्श ले रहे हैं। हमने इसके लिए विशेष व्यवस्था भी अस्पताल की ओर से की है। हालांकि ओपीडी भी खुले हैं। दरअसल बड़े पैमाने पर लोकल ट्रेनों के माध्यम से लोग यात्रा कर अस्पतालों में पहुंचते थे। हालांकि लोकल ट्रेनें बंद हैं। ऐसे में ऑनलाइन ही आमरी हॉस्पिटल, मेडिका हॉस्पिटल सहित अन्य की ओर से ओपीडी की व्यवस्था की गई है।
तीन गुना बढ़ा ऑनलाइन कंसलटेशन
आर.एन. टैगोर इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियाक साइंसेज (आरटीआईआईसीएस)के जोनल हेड आर.वेंकटेश ने कहा कि ओपीडी में भले ही मरीज न आ पा रहे हैं, हालांकि ऑनलाइन डॉक्टरों का कंसलटेशन तीन गुना बढ़ गया है। हम सोशल मीडिया, फेसबुक, एनएच केयर ऐप व वेबसाइट के माध्यम से ओपीडी बुकिंग ले रहे हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

कोरोना के मामले हुए कम, तो ब्लैक फंगस नहीं छोड़ रहा पीछा

कोलकाताः राज्य में कोरोना वायरस की रफ्तार काफी कम हुई है। हालांकि इस बीच म्यूकोरमायकोसिस यानी ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने जारी हैं। भले ही आगे पढ़ें »

मुकुल ने पीएसी के लिए दाखिल किया नामांकन

कोलकाता : बुधवार काे मुकुल राय ने पीएसी के चेयरमैन पद के लिए नामांकन दाखिल किया जिसका भाजपा विरोध कर रही है। हाल में मुकुल आगे पढ़ें »

ऊपर