हाईकोर्ट के फैसले पर दिलीप ने कहा सत्य की जीत, शुभेन्दु ने कहा ऐतिहासिक फैसला

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। किसी ने इसे सत्य की जीत तो किसी ने कानून की जीत बताया है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जो हुआ वह बेहद शर्मनाक है। बंगाल में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही तृणमूल सरकार इसे स्वीकार करना चाहती थी। लेकिन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इसे स्वीकार कर लिया। ‌दिलीप ने कहा कि जिन पर अत्याचार हुआ है, मुझे उम्मीद है कि उन्हें इस बार न्याय मिलेगा। साथ ही जो दोषी हैं उन्हें सजा दी जाएगी। यह खुशी की बात नहीं है, यह लोगों के अधिकार का विषय है।
दिलीप घोष ने आगे कहा, “हिंसा की घटनाओं के कारण 70,000 से 80,000 लोग अपना घर छोड़कर भाग गए हैं। बहुत से लोग अभी भी बेघर हैं। वे अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य को नुकसान की भरपाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘पुलिस कोई शिकायत नहीं लेती है। पुलिस के सामने हमारे घर में तोड़फोड़ की जा रही है। महिलाओं पर अत्याचार हुआ है।
वहीं राज्य में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष ने बंगाल को राजनीतिक हिंसा की प्रयोगशाला बना दिया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय की माननीय 5 सदस्यीय पीठ का आज का ऐतिहासिक निर्णय मानवाधिकारों की रक्षा करने में उनकी विफलता को इंगित करता है। यह साबित करता है कि न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र का सबसे बड़ा स्तंभ है।
बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा कोट ने किया स्पष्टः सुजन चक्रवर्ती
माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट की राय से स्पष्ट हुआ है कि हिंसा की घटनाएं बंगाल में हुई हैं और हो रही हैं। सीबीआई जांच पर भी कोर्ट की निगरानी रहे हम चाहते हैं। एनएचआरसी प्रतिनिधि सभी लोगों तक पहुंचे हैं, ऐसा संभव नहीं है। बड़े पैमाने पर लोग अपनी शिकायत तक नहीं दर्ज कर पाए हैं।
कोर्ट का फैसला मिश्रित हैः रोबिन देब
माकपा नेता रोबिन देब ने कहा कि हाईकोर्ट ने बंगाल में हिंसा के मुद्दे पर तीन प्रकार के फैसले दिए हैं। इसमें बंगाल के पुलिस अधिकारियों के अधीन भी जांच की बात कही गई है। हिंसा में वाम कर्मी भी प्रभावित हुए थे। हालांकि मानवाधिकार आयोग की टीम वहां नहीं गई थी। आशा है कि ठोस व्यवस्था अब हो सकेगी।
कोर्ट के फैसले ने साबित किया पूर्व नियोजित हिंसाःअरविंद मेनन
भाजपा नेता अरविंद मेनन ने कहा, “कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा पूर्व नियोजित थी। कई को मार डाला गया, निर्दोष महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया। राज्य सरकार ने इसे छुपाने की कोशिश की है।’
हिंसा के 60% मामलों में दर्ज नहीं हुई प्राथमिकीः अमित मालवीय
भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर दस्तावेज को रेखांकित करते हुए कहा कि चुनाव के बाद बंगाल में हिंसा के लगभग 60 प्रतिशत मामलों में कोई प्राथमिकी ही दर्ज नहीं की गई है।

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