परमाणु वैज्ञानिक शेखर बसु का काेरोना से निधन, मुख्यमंत्री ममता ने दी श्रद्धांजलि

कोलकाता: विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ शेखर बसु का यहां एक निजी अस्पताल में गुरुवार को कोविड-19 के चलते निधन हो गया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बसु तीन दिन पहले ही 68 वर्ष के हुए थे। अधिकारी ने कहा, ‘डॉ बसु कोविड-19 और किडनी संबंधित अन्य रोग से पीड़ित थे। सुबह चार बजकर पचास मिनट पर उनका निधन हो गया।’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक प्रकट किया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉ बसु के निधन पर शोक प्रकट किया और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ शेखर बसु के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। उनके सहकर्मियों और परिजनों को मेरी सांत्वना।’’ प्रख्यात भौतिकविद और पद्म विभूषण से सम्मानित विकास सिन्हा ने कहा कि डॉ बसु के निधन से ‘भारी क्षति’ हुई है। सिन्हा ने कहा कि देश ने एक महान इंजीनियर और अच्छा इंसान खो दिया।

साहा परमाणु भौतिकी संस्थान तथा वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रोन सेंटर के पूर्व निदेशक सिन्हा ने कहा, ‘मैं कहूंगा कि वह हमें कम उम्र में छोड़ कर चले गए। उन्हें अभी और योगदान देना बाकी था। वह एक निपुण इंजीनियर थे जिन्होंने हमारे परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए बहुत कठिन परिश्रम किया था।’

कौन थे शेखर बसु

बसु का जन्म 20 सितंबर 1952 को हुआ था। मैकेनिकल इंजीनियर डॉ बसु को देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में लंबे समय तक काम किया था और 2012 में वह केंद्र के निदेशक भी बने। बसु ने तमिलनाडु में भारतीय न्यूट्रिनो वेधशाला के विकास में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। भारत की परमाणु ऊर्जा से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के लिए बेहद जटिल रियेक्टर के निर्माण में बसु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शेयर करें

मुख्य समाचार

नहीं होगी रणबीर की ‘ब्रह्मास्त्र’ रिलीज!

नई दिल्ली : एक्टर रणबीर कपूर की अपकमिंग फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' लंबे समय से चर्चा में हैं। फैंस भी इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर आगे पढ़ें »

राजस्थान सरकार केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ लायी विधेयक

जयपुर : केंद्र द्वारा हाल ही में पारित कृषि सम्बंधी तीन कानूनों का राजस्थान के किसानों पर असर 'निष्प्रभावी' करने के लिए राज्य सरकार ने आगे पढ़ें »

ऊपर