अब उत्‍तर कोलकाता में डेंगू का डर

Dengue

केएमसी ने दिया निर्देश : 31 वार्डों में बढ़ाई जाए चौकसी

निगम ने गठित की रैपिड एक्शन टीम

कोलकाता : कोराना का असर तो अभी बरकरार है, लेऋकिन इसके साथ ही डेंगू की आशंका भी कोलकाता नगर निगम को सताने लगी है। डेंगू के मामले में 31 वार्डो को संवेदनशील माना गया है। लिहाजा इन वार्डो में चौकसी बढ़ाई जाएगी। केएमसी प्रशासक मंडल के सदस्य अतिन घोष की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। यहां गौरतलब है कि आमतौर पर बरसात के मौसम में डेंगू की शुरुआत होती है। मानसून ने दस्तक दे दी है, ऐसे में और मध्य कोलकाता को डेंगू के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

31 वार्डो को किया गया चिन्हित

उत्तर व मध्य कोलकाता के जिन क्षेत्रों को “सबसे कमजोर” तौर पर चिन्हित किया गया है, उनमें टॉला, श्यामबाजार, हाथीबागन, वार्ड 1, 3, 5, 6 और उसके आस-पास के इलाके शामिल हैं। इसी तरह, मल्लिक बाजार, तपसिया, वार्ड 53, 54, 55, 61, 62, 57, 63, 67, 69 के आसपास के इलाकों को भी चिन्हित किया गया है। डेंगू का खतरा गरियाहाट, मनोहरपुकुर, वार्ड 85, 74, 81, 82 और टॉलीगंज के आसपास के क्षेत्र, वार्ड 93, 94, 95, 98, 99, 100 और 107 और बेहला के वार्ड 121, 129, 131 और 132 शामिल हैं।

भारी बारिश ने बढ़ाया डेंगू का खतरा

केएमसी के विभागीय सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2019 के दौरान शहर में कुल 78 मि.मी. वर्षा हुई थी। लेकिन इस बार 1 और 28 मई के बीच, शहर में 503 मि.मी. बारिश हुई और मौसम विभाग के अनुसार मानसून समय पर राज्य में प्रवेश कर रहा है, परिणामस्वरूप महानगर में डेंगू का खतरा अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। यदि निचले इलाकों में बारिश का पानी जमता है तो खतरा ओर भी बढ़ सकता है। ऐसे में सॉलिड वेस्ट डिपार्टमेंट को नालियों की सफाई के साथ ही मच्छर भगाने वाले स्प्रे का छिड़काव करने वाले कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

निगम के सभी बोरो कार्यालय को किया गया अलर्ट

बोरो कार्यालयों को ऐसी जमीन व मकान की तालिका तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिनका काफी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहा है। तालिका तैयार होने के बाद निगम आगे की कार्रवाई करेगा।

निगम ने गठित की रैपिड एक्शन टीम

महानगर में सतर्कता बढ़ाने के लिए रैपिड एक्शन टीम का गठन किया गया है। यह टीम लोगों को जागरूक करने के साथ ही यह भी जांच करेगी की छत पर पानी का जमाव न हो, पानी के पाइप साफ हों, ताकि बारिश में पानी ना जमा हो सके। यह टीम ओवरहेड टैंक और भूमिगत जलाशयों की जांच करेगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ठीक से कवर किए गए हैं। लोगों से भी अपील की जा रही है कि खाली जगह में कचरा न डालें। इनमें टाला में कुल 78 मि.मी. वर्षा हुई थी, जो काफी समय से खाली पड़े हैं।

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