कोरोना से रोकथाम के लिए आंशिक नहीं संपूर्ण लॉकडाउन की आवश्यकता

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी में कोरोना को लेकर हालात दिन प्रतिदिन खराब हो रहे है। टीकाकरण को लेकर भी मारामारी लगी है। शहर के साधारण तथा रोज कमाने खाने वाले लोगों की माने तो आंशिक लॉकडाउन से संक्रमण ज्यादा फैल रहा है। एक समय के बाद बाजार खुलते ही खरीदी के लिए लोगों की भीड़ लग जाती है। इससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर कोरोना से लड़ना है तो सबसे पहले नयी सरकार को संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर विचार विमर्श करना चाहिए। अन्यथा इतने दिनों से जैसा चल रहा था वैसे ही चलने दिया जाये। आंशिक लॉकडाउन के वजह से सामानों की कालाबाजारी बढ़ रही है। इसका लाभ जमाखोरों को हो रहा है।
संक्रमण रोकने के लिए लोगों को घर में बंद करना जरूरी:
आशुतोष देवनाथ का कहना है कि आंशिक लॉकडाउन से कोरोना पर लगाम नहीं लगाया जा सकता इससे आम लोगों को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। इसके कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि संक्रमण किसी एक समय में लोगों को अपने चपेट में लेगा ऐसा नहीं है। कभी भी लोग संक्रमित हो सकते है। इसके अलावे बाजार खुलते ही लोगों की भीड़ लगने लगती है। एक समय बाद बाहर निकलकर लोग एक दूसरे के संपर्क में आते है। आंशिक लॉकडाउन से व्यवसाये को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि संक्रमण पर लगाम लगाना है तो लोगों को घर में बंद करना होगा। इसके लिए उन्होंने संपूर्ण लॉकडाउन की मांग किया है।
टीकाकरण को बढ़ावा देने की आवशयकता:
समर चक्रवर्ती ने बताया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों को टीकाकरण सेंटरों में जाकर टीका लेने को कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण सेंटरों में जाने के बाद सुबह से शाम हो जाते है मगर एक दिन में टीका नहीं मिल पाता। टीकाकरण सेंटरों में लोगों की भीड़ समस्या कम होने के बदले बढ़ा रही है। टीका लेने जाकर लोगों का एक दिन की कमाई बंद करनी पड़ रही है। ऐसे में टीका मिलेगा की नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि इसपर सरकार तथा प्रशासन को गहन विचार करने की आवशयकता है। पोलियों सेंटरों की तरह छोटे-छोटे बूथ बनाकर टीकाकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
लॉकडाउन तथा आंशिक लॉकडाउन से नहीं रूकेगा कोरोना:
आनंद मल्लिक ने कहा कि लॉकडाउन तथा आंशिक लॉकडाउन से सबसे ज्यादा नुकसान रोज कमाने खाने वालों लोगों को हो रहा है। पेशे से वे ऑटों चालक है उन्होंने बताया कि अगर गाड़ी नहीं चलेगा तो वे खायेंगे क्या तथा मालिक को क्या देंगे। लॉकडाउन तथा आंशिक लॉकडाउन से कोरोना को काबू में नहीं किया जा सकता है। अगर कोरोना संक्रमण पर सच में लगाम लगाना है तो वैक्सीनेशन को बढ़ाना होगा। उन्होंने बताया कि उनके जैसे लोगों को लिए नार्सिंग होम में सुबह से शाम तक लाइन में लगकर पैसा देकर कोरोना का टीका लेना संभव नहीं है। सरकार को व्यापक स्तर पर निशुल्क टीकाकरण का इंतजाम करने की आवश्यकता है।
राजनीति से परे हटकर कोरोना के रोकथाम पर विचार करे सरकार:
दयाल सरकार ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए राजनीति से दूर हटकर सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि इस महामारी में तृणमूल तथा भाजपा को भुलने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आंशिक लॉकडाउन से कोई लाभ नहीं हो रहा है। टोटो ऑटो धरल्ले से चल रहे है। रास्ते पर लोग निकल रहे है। क्या ऐसे में संक्रमण नहीं फैलेगा? उन्होंने कहा कि उल्टा आंशिक लॉकडाउन के वजह से सामानों के दाम आसमान छू रहे है। इससे एक स्तर के लोगों का शोषण तथा दूसरे स्तर के लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए केन्द्र तथा राज्य को एक साथ मिलकर विचार करने की आवशयकता है।
नि:शुल्क वैक्सीन मुहैयाकरे सरकार
रंजीन बसाक का कहना है कि कोरोना के टीका की आवशयकता सबकों है। उन्होंने बताया कि राज्य में नयी सरकार आने के बाद 7 मई से बंगाल में लोगों को नि:शुल्क वैक्सीन मुहैया करवाने की बात कही गई थी लेकिन मामला कहा तक पहुंचा। इसकी भी कोई खोज खबर नहीं है। सरकारी स्तर पर जिस तरह से लोगों को टीका दिया जा रहा है। इससे वे खुश नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले जब टीका दिया जा रहा था तो लोग डर से नहीं जा रहे थे। वैक्सीनेशन को लेकर उस वक्त प्रचार भी नहीं था। डर के मारे उन्होंने ने भी वैक्सीन नहीं लिया। अब अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेजों में जाने के बाद उन लोगों को बताया जाता है कि वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

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