ना बेड, ना आईसीयू, सैटेलाइट सेंटर जोड़ने लगे अस्पताल

कई निजी अस्पतालों में बढ़ाए 25 से 30 कोविड बेड
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः नवोमिता साव (बदला हुआ नाम) के लिए कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव आई अपनी मां के लिए अस्पताल में एक बेड पाना मानो किसी सपने के पूरे होने से कम नहीं था। हाल ही में शुरू में कोविड पॉजिटिव पाई गई उनकी मां की हालत अगले कुछ दिनों में खराब हो गई थी। वह डायबिटीज की रोगी हैं और उनका बुखार बढ़ने के साथ ऑक्सीजन का स्तर गिर गया था। हालांकि हर किसी को ‌बेड मिल जाए, यह संभव नहीं है। विशेषकर कोरोना वायरस के सेकेंड वेव के कारण महानगर के विभिन्न अस्पतालों में बेड मिलना मुश्किल है। ना ही अस्पतालों में बेड मिल रहे हैं, ना ही आईसीयू। ऐसे में अस्पतालों ने कई उपाय मरीजों के लिए किए हैं। वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम की ओर से डॉ. राजीव पांडेय ने हाल के दिनों में स्वास्थ्य विभाग से लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। साथ ही विशेष उपाय किए जाने की बात कही गई है। निजी अस्पतालों के 3613 कोविड बेड में केवल 708 ही खाली बताए जा रहे हैं। यह आंकड़ा मंगलवार का है।
सी.के.बिड़ला हॉस्पिटल्स के सीओओ डॉ.सिमरदीप गिल ने कहा कि अस्पताल पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हमने कई उपाय किए हैं। सीएमआरआई में हमने हाल के दिनों में 25 कोविड बेड बढ़ाने का निर्णय किया है। इसके अलावा सैटेलाइट के तौर पर करार किया जा रहा है। इससे कोविड बेड की संख्या बढ़कर 200 हो जाएगी।
आमरी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल ने भी कोविड बेड की संख्या को बढ़ाने के लिए एक निजी होटल से करार करके सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया है। माना जा रहा है कि इससे कोविड के गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा परिसेवा दी जा सकेगी।
गंभीर मरीजों के इलाज को प्राथमिकता, प्लान्ड सर्जरी स्थगित
सी.के.बिड़ला हॉस्पिटल्स के सीओओ डॉ.सिमरदीप गिल ने कहा कि हम गंभीर मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही फिलहाल प्लान्ड सर्जरी को आगे बढ़ा दिया गया है।

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