न्यू नॉर्मल ने बदला रक्षाबंधन मनाने का ट्रेंड

ऑनलाइन राखी सेलिब्रेशन बना भाई-बहन के लिए बेस्ट ऑप्शन
सोशल मीडिया पर बना ट्रेंड
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : भाई-बहन के आपसी प्यार और स्नेह का दिन रक्षा बंधन हर साल सावन में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। पिछले दो सालों में जहां सब कुछ बदला है वहीं रक्षाबंधन का स्वरूप, इसे मनाने का तरीका काफी हद तक बदल सा गया है। अमूमन इस दिन बहन या भाई घर पर जाकर राखी बंधवाते या बांधते हैं। यह रस्म अभी भी है मगर कई भाई-बहन दूर होने के कारण इस दिन मिल नहीं पाते या कहें न्यू नॉर्मल टाइम में संभव नहीं हो पाता कि हर भाई या बहन राखी बांधने के लिए इस खास मौके पर घर पहुंच पाते हों। इस स्थिति में ऑनलाइन रक्षा बंधन मनाना बेस्ट ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
पास नहीं हैं भाई-बहन तो ऑनलाइन भेजी राखी
पिछली बार की तरह इस बार भी अभिषेक बेरा दिल्ली से कोलकाता नहीं आ पाए इसलिए उनकी बहन सुपर्णा बेरा ने ऑनलाइन राखी भेजी। ऐसा पिछले दो सालों से होता आ रहा है। गुजरात में रहने वाली संगीता तिवारी भी कोविड की वजह से कोलकाता नहीं आ पायीं इसलिए उन्होंने अपने भाई के लिए ऑनलाइन राखी के साथ गिफ्ट कोलकाता भिजवाया। यह बात सिर्फ लोगों तक ही सीमित नहीं है, कई ऐसे लोग हैं जो न्यू नॉर्मल टाइम में इसी तरीके से राखी सेलिब्रेट कर रहे हैं। इन्होंने बताया कि वीडियो कॉलिंग कर वे एक दूसरे को विश भी करते हैं जो अलग ही अनुभव है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा रक्षाबंधन
सोशल मीडिया का चलन दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है, वह फिर राजनीतिक प्लेटफॉर्म के लिए हो या त्योहारों के लिए। ट्वीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम से लेकर तमाम सोशल साइट्स में बाकी त्योहारों की तरह रक्षाबंधन भी ट्रेंड करने लगा है। एक-दूसरे को विश करना हो या दूसरे शहर में रह रहे अपने सोशल मीडिया के भाई-बहन को राखी विश करना हो, यह ट्रेंड इस बार रक्षाबंधन सेलिब्रेशन के लिए बेस्ट ऑप्शन माना जा रहा है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

अगले 3 दिनों में कई और नेता तृणमूल में हो सकते हैं शामिल

भाजपा के शिविर में और होंगे ‘धमाके’ सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : लोकसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने भाजपा छोड़ तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। आने वाले आगे पढ़ें »

ऊपर