मॉनसून को लेकर अलर्ट मोड पर नवान्न, 8 जिलों पर विशेष फोकस

बनी ज्वाइंट कमेटी, हर जिले में कंट्रोल रूम, ब्लॉक के लिए स्पेशल टीम
कोलकाता – हावड़ा में 130 कि.मी. हुई खालों की सफाई
दक्षिण बंगाल में मानसूनी बारिश के लिए सप्ताहभर का इंतजार
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नार्थ बंगाल में मानसूनी बारिश शुरू हो चुकी है लेकिन दक्षिण बंगाल में इसके लिए अभी और कम से कम सप्ताह भर का इंतजार लोगों को करना होगा। पिछली बार मानसून में कई जिलों की स्थिति भयावह हो गयी थी। भारी बारिश, नदियों में जल प्रवाह बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ व बाढ़ जैसी स्थिति बन गयी। कई गांव प्रभावित हुए, रास्ते पर नदियों का पानी बहने लगा। पिछली बार सीएम ने खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया था। सीएम ने आरोप लगाया था कि यह मैन मेड बाढ़ है। बिना जानकारी के पानी छोड़ दिया गया। पिछले इन सारे अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने अपनी तरफ से विभागों को तैयारियां पूरे जोर से करने का निर्देश दिया है। राज्य में खासकर आठ जिलों के कई इलाकों को विशेष रूप से फोकस किया गया हैं। इनमें हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मिदनापुर, पश्चिम मिदनापुर, मुर्शिदाबाद, मालदह विशेष रूप से शामिल हैं। इन जिलों के अलावा भी अन्य जिलों पर ध्यान दिया गया है। इसके लिए कई विभाग संयुक्त रूप से को ऑर्डिनेशन के साथ काम कर रहे हैं।
बनी है कमेटी
सिंचाई व जलपथ विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक ज्वाइंट कमेटी बनायी गयी है। राज्य, डीवीसी, झारखंड सरकार, सेंट्रल वाटर कमिशन तथा बंगाल के सिंचाई व जलपथ विभाग के अधिकारियों काे लेकर यह ज्वाइंट कमेटी बनायी गयी है।
ये उठाये जा रहे हैं कदम
जानकारी के मुताबिक इस बार हर जिले में ही कंट्रोल रूम बनाया गया है। हर ब्लॉक के लिए रैपिड एक्शन टीम तैनात रहेगी। 341 ब्लॉक में स्पेशल टीम रहेगी। भारी जलजमाव से कहीं कोई भी समस्या होती है तो यह टीम तुरंत काम में उतर जायेगी। सिंचाई व जलपथ विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सन्मार्ग को बताया कि हावड़ा, कोलकाता दोनों जगहों पर 130 कि.मी. खालों से गाद निकाला गया है। पिछली बार की तबाही के बाद 300 कि.मी. तक बांधों की रिपेयरिंग की गयी है तथा ब्रिजों की भी मरम्मत हुई है। वहीं इस बार साल का बल्ला भी खरीदा गया है, मिट्टी भी सुंदरवन में जमा करके रखा गया है। ये सारी तैयारियां जल प्रवाह की तीव्रता को बहुत हद तक नियंत्रण करने के लिए की गयी हैं।
कहां – कहां सबसे ज्यादा समस्याएं हैं
हावड़ा के शहरी अंचल के साथ ही उदयनारायणपुर व अन्य इलाके, मालदह का भूतनी चौर व अन्य इलाके। उत्तर 24 परगना का हाबरा के कई वार्ड, शासन, देगंगा के कई इलाके शामिल हैं। वहीं हुगली के खानाकुल, आरामबाग व अन्य इलाके शामिल हैं। इधर पश्चिम मिदनापुर का घाटाल, पूर्व मिदनपुर में कांथी का खेजुरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। यहां बाढ़ आ जाती है। मुर्शिदाबाद का धुलियान, शमशेरगंज इलाका काफी प्रभावित होता है।

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