महानगरः वैक्सीनेशन से 95% या उससे अधिक तक कम हो जाता है गंभीर खतरा

कई रिपोर्ट में हुए खुलासे
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः कोविड-19 के दौरान टीकाकरण अभियान काफी कारगर होने की कगार पर है। कोरोना संक्रमण के गंभीर खतरों को कम करने में वैक्सीनेशन ही एकमात्र साधन है। यह कहना है डॉ. कौशिक हाजरा का। उन्होंने कहा कि देखा जा रहा है कि देश-विदेश में पब्लिश कई रिपोर्ट में उल्लेख हुआ है कि वैक्सीनेशन से कोरोना का खतरा 95% या उससे अधिक तक कम हो जाता है। ऐसे में यदि किसी को संक्रमण होता है तो यह अधिक गंभीर नहीं होगा। जगन्नाथ गुप्ता इंस्टिट्यूट ऑफ मे‌डिकल साइंसेज व हॉस्पिटल (जेआईएमएसएच) में असिस्टेंट प्रोफेसर व एमडी डॉ. कौशिक हाजरा ने कहा कि वर्तमान में कोई न्यायोचित प्रमाण नहीं है जो कि यह सुझाव दे कि तीसरी लहर बच्चों को अधिक या गंभीर रूप से प्रभावित करेगी। दरअसल पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में बच्चों में अधिक मामले नजर आए हैं। इसका श्रेय कम आयु वर्ग में टीकाकरण की कमी को दिया जा सकता है। अगर हम टीकाकरण के बारे में बात करते हैं, तो कोई भी कोविड-19 टीके 100% प्रभावी नहीं हैं (या उस मामले के लिए कोई भी टीका), टीका लगने के बाद भी कोविड-19 के अनुबंध का कुछ जोखिम बना रहता है। हालांकि सभी टीके 70 से 90% तक प्रभावी बताए जा रहे हैं। ऐसे में कोई भी वैक्सीन हो उसे लेने की जरूरत है।
वर्चुअल तौर पर आयोजित कार्यक्रम में के.के.गुप्ता, वाइस चेयरमैन जेआईएमएसएच ने वर्तमान परिस्थिति में मरीजों के लिए दी जा रही परिसेवा की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. कौशिक रॉय, सहायक प्रोफेसर, सामान्य चिकित्सा विभाग, डॉ. विश्वरूप मुखर्जी, सहायक प्रोफेसर, सामान्य चिकित्सा विभाग, डॉ. संचिता साहा, सहायक प्रोफेसर, क्रिटिकल केयर विभाग मौजूद थीं।

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