महानगरः मार्केट खुलने के एक महीने में भी पटरी पर नहीं लौट पा रहा व्यवसाय

कोरोना काल, ट्रेनों का बंद रहना और तीसरी लहर के डर से नहीं हो रही भीड़
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना वायरस की दहशत कुछ कम होने के बाद राज्य सरकार ने गत 1 जुलाई से सभी मार्केट खोलने के निर्देश दिये थे जिसके बाद नियमों के तहत सुबह 11 से रात 8 बजे तक मार्केट खोले जा रहे हैं। हालांकि मार्केट खुलने के लगभग एक महीने होने वाले हैं, लेकिन अब तक व्यवसाय पटरी पर नहीं आ पाया है। इसके पीछे मुख्य कारण तो कोरोना को माना ही जा रहा है, लेकिन इस कोरोना ने भी कई कारण पैदा कर दिये हैं जिससे व्यवसाय को काफी नुकसान से गुजरना पड़ रहा है। कोलकाता में न्यू मार्केट, हातीबागान और बड़ाबाजार ऐसे इलाके हैं जहां चाहे कोई त्योहार हो या नहीं, लेकिन खरीदारों की भीड़ जरूर लगी रहती थी। हालांकि जबसे मार्केट खुले हैं, वह पहले वाली भीड़ अब तक इन बाजारों में नहीं लौट पायी है। इस कारण व्यवसायियों के सिर पर बल पड़े हुए हैं। विशेषकर दुर्गा पूजा में अब केवल दो महीने ही शेष रह गये हैं। ऐसे में अगर अगले महीने से स्थिति में कुछ सुधार नहीं हो पाया तो फिर आगे चलकर मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
हातीबागान में काफी कम आ रहे हैं ग्राहक
उत्तर कोलकाता के वृहत्तम हातीबागान मार्केट में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो रही है जिससे दुकानदार बहुत चिंतित हैं। यहां चप्प्लों की दुकान चला रहे एक दुकानदार उमेश चौधरी ने कहा, ‘पहले जैसी भीड़ नहीं हो रही। कभी – कभी तो बोहनी भी नहीं होती है।’ इसी तरह एक और दुकानदार राहुल दास ने कहा, ‘सुबह 11 से रात 8 बजे तक यूं ही बैठे रहते हैं। दुकान खुलने का समय रात 10 बजे तक किया जाए तो फिर भी कुछ व्यवसाय हो सकता है। अगस्त से शायद कुछ सुधार हो।’ सनग्लास के दुकानदार श्याम दास ने कहा, ‘मार्केट बहुत खराब है, एकदम भीड़ नहीं हो रही है। दुर्गापूजा की खरीदारी तो अभी चालू भी नहीं हुई है।’
न्यू मार्केट में 10% भी नहीं हुई है रिकवरी
न्यू मार्केट ज्वाइंट ट्रेडर्स फेडरेशन के सचिव राजीव सिंह ने कहा, ‘ट्रेनें बंद है और तीसरी लहर का डर भी है। इस कारण लोग अभी बाहर निकलने से डर रहे हैं। न्यू मार्केट में अभी 10% तक रिकवरी भी नहीं हो पायी है। कई दुकानदार तो दिन भर में बोहनी भी नहीं कर पा रहे हैं। लोकल ट्रेनें बंद रहने के कारण भी काफी मुश्किल हो रही है। जब तक ट्रेनें चालू नहीं हो जातीं, व्यवसाय पटरी पर लौटना काफी मुश्किल होगा।’
सदासुख कटरा में पूरे दिन खाली बैठ रहे व्यवसायी
वृहत्तर बड़ाबाजार के सदासुख कटरा में होल सेल और रिटेल को मिलाकर लगभग 600 दुकानें हैं। हालां​कि यहां भी व्यवसायी पूरे दिन खाली बैठे हुए हैं। यहां एक दुकानदार मुरली कुमार धानुका ने कहा, ‘केवल लोकल कस्टमर आ रहे हैं, लोकल ट्रेनों के नहीं चलने तक कुछ नहीं हो सकता। ट्रेनें बंद रहने से दूर से आने वाले स्टाफ को भी मुश्किल हो रही है।’ सदासुख कटरा के दुकानदार सुनील अग्रवाल ने कहा कि मार्केट पूरी तरह सोया हुआ है। बिक्री ना के बराबर हो रही है, कोरोना और ऊपर से ट्रेनें बंद रहने के कारण ग्राहक नहीं आ रहे हैं। सदासुख कटरा के ट्रेजरर बृजमोहन डिडवानिया ने कहा कि बिक्री काफी कम है। 20 से 25% तक ही व्यवसाय हो रहा है। पिछले साल कोविड के बाद अच्छी रिकवरी हुई थी, लेकिन इस बार 25% तक ही रिकवरी अब तक हुई है। कटरा के प्रेसिडेंट रमाकांत देवड़ा ने कहा कि आजकल ऑनलाइन व्यवसाय काफी बढ़ गया है। बिक्री काफी कम हो रही है और मार्केट का हाल पूरी तरह बेहाल है। उम्मीद है कि अगले महीने से स्थिति में कुछ सुधार हो।

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