हिन्दीभाषियों के समर्थन से गदगद हुईं ममता

कहा : घर की बेटी हूं, साथ दीजिए
जो बांट रहे हैं हिन्दीभाषियों को उन्हें मैं सिखा सकती हूं हिन्दी
हिन्दीभाषियों के संग दीदी ने की बैठक
कोलकाता : मौसम विधानसभा चुनाव का है, ऐसे में वोट बैंक को अपनी ओर खींचने में लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो चुकी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को हिन्दीभाषियों के संग बैठक की। ममता ने हिन्दीभाषियों को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में विभिन्न राज्यों के लोग रहते है। बंगाल इनका अपना घर है, हिन्दीभाषियों से ही मेरा सीधा सवाल है क्या तृणमूल सरकार में उन्हें किसी भी चीज को लेकर परेशानी या दिक्कत हुई है। मेरी सरकार की पूरी कोशिश रही है कि मैं सभी को समान अधिकार देते हुए उनके हित में काम करूं।
गदगद हुई दीदी, कहा : आपके घर की हूं
दीदी की बातें सुनकर हिन्दीभाषियों ने भी उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया जिसे देख ममता भी गदगद हो गयी। ममता ने उनसे अपील की कि आने वाले चुनाव में अपना समर्थन दें क्योंकि इस बार उन्हें हिन्दीभाषियों के वोट की खासा जरूरत है। ममता ने कहा कि मैं आपके घर की बेटी हूं, किसी भी गलती के लिए माफी मांग सकती है उसे सुधार सकती हूं। मुझे अपना किमती वोट दें ता​कि तृणमूल सरकार सत्ता में आकर हिन्दीभाषियों के लिए वह सब करें जो उनकी इच्छा है।
भाजपा को दिया तंज, हिन्दी ऐसी आती है कि आपको सीखा दूं
ममता ने भाजपा पर तंज सकते हुए कहा ​कि चुनाव के दौरान बंगाल आकर बंटवारे की राजनीति करने वाले भाजपा नेताओं को पता ही नहीं है कि मुझे हिन्दी बोलना भी आता है और पढ़ना भी आता है। ममता ने हिन्दी की चंद लाइने भी पढ़ कर सुनायी और कहा कि मैं उन लोगों को भी हिन्दी सीखा सकती हूं जो बंगाल को हिन्दी-अहिन्दी के बीच बांटने की कोशिश करते है। दूसरी तरफ भाजपा है जो भाषागत आधार पर लोगों को बांट रही है।
भाषा के आधार पर लोगों को नहीं बांटते
ममता ने हिन्दीभाषियों का आभार करते हुए कहा कि बंगाल में भाषा के आधार पर लोगों को बांटा नहीं जाता है। भाषा को लेकर किसी को जज नहीं किया जाता है। मैं खुद सभी के पर्व में शिरकत करती हूं। गुरुद्वारे जाती हूं वहां हलवा खाती हूं। इसी तरह हिन्दी समते सभी भाषाओं को तवज्जों की गयी है। ऐसे में अगर हिन्दीभाषी खुलकर बांग्ला बोलते है या सीखते है तो वह उनकी पसंद है।
किसानों की दशा पर जतायी नारा​जगी
किसान आंदोनल को लेकर ममता ने नारा​जगी जतायी तथा कहा कि जो भी हुआ उसमें किसानों की गलती नहीं बल्कि केंद्र सरकार की लापरवाही है। आज पूरा देश किसानों के मुद्दे पर लड़ रहा है। मगर भाजपा की केंद्र सरकार इसमें उदासीन है।
सरकार की प्राथमिकता रही है हिन्दीभाषी
ममता ने कहा कि तृणमूल सरकार की प्राथमिकता हमेशा ही हिन्दीभाषी रहे है। हिन्दी भाषा को तृणमूल सरकार ने ही ऑफिसियल भाषा का दर्जा दिया। छठ पूजा पर दो दिन की छुट्टी मैंने दी है क्योंकि मुझे मालूम है यह आस्था का महापर्व है। होली पर छुट्टी दी गयी। हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना करायी गयी और छात्रों को स्कॉलरशिप देने की शुरुआत की गयी। यह प्राथमिकता आने वाले समय में भी हमारी यूंही बनी रहेगी। बंगाल में सभी परिवार की तरह एक साथ रहते है यहीं यहां की खूबी है। ममता ने कहा कि जब हम हमेशा एक साथ रहते है तो चुनाव के दौरान बंटवारा क्यों हो ? लोग इस बात के समझे और तृणमूल को वोट देकर एक बार फिर जीत दर्ज कराने में अपना योगदान दें। दीदी आपके साथ है जो सिर्फ वादा नहीं करती उसे पूरा भी करती है।
कार्यक्रम में उपस्थित रहें
तृणमूल भवन में आयोजित कार्यक्रम में तृणमूल युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक बंद्योपाध्याय, सांसद सुब्रत बख्शी, डेरेक ओब्रायन, पश्चिम बंग तृणमूल कांग्रेस हिन्दी प्रकोष्ठ के चेयरमैन दिनेश त्रिवेदी, अध्यक्ष विवेक गुप्त, प्रेसिडेंसी रेंज के कन्वेनर राजेश सिन्हा, मिदनापुर डिविजन के कन्वेनर रविशंकर पांडेय, बर्दवान रेंज के कन्वेनर जगदीश शर्मा, पश्चिम बर्दवान के कन्वेनर मनोज यादव, जलपाईगुड़ी जोन के कन्वेनर संजय शर्मा, उत्तर दिनाजपुर से श्यामलाल महतो, दक्षिण दिनाजपुर के राजेन शील, पुरुलिया के शांतिभूषण हावड़ा से धर्मेंद्र सिंह, हुगली से विजयसागर मिश्रा, नदिया से मदन सिंह, उत्तर 24 परगना से अमित गुप्ता, बीरभूम से राजेंद्र सिंह, बांकुड़ा से दिलीप अग्रवाल, दार्जिलिंग से मुनना प्रसाद, मालदह से नंदू तिवारी, पूर्व बर्दवान से माधवेंद्र राय, अलीपुरदुआर से जयंत मुंधड़ा, जलपाईगुड़ी से अमरनाथ झा, पश्चिम मिदनापुर के मिथिलेश सिन्हा, पूर्व मिदनापुर की सुशीला जैन, झाड़ग्राम के गोविंद सोमानी, उत्तर कोलकाता के अध्यक्ष ओम प्रकाश पोद्दार, कार्यकारी अध्यक्ष सुमन सिंह समेत बाकी उपस्थित थे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

8 महीने तक 22 साल की लड़की का बंधक बनाकर होता रहा रेप, फिर…

बरनालाः पंजाब के बरनाला शहर में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हुई है। 22 वर्षीय युवती को 8 महीने तक बंधक बनाकर बलात्कार क‍िया गया। आगे पढ़ें »

मर्डर के मामले में मुर्गे को थाने ले आई पुलिस…

तेलंगाना : तेलंगाना में एक विचित्र घटना घटी है जहां पुलिस एक मौत के मामले में एक मुर्गे को ही अपनी कस्टडी में ले आई आगे पढ़ें »

ऊपर