सीएए के खिलाफ फिर सड़क पर उतरीं ममता, दार्जिलिंग में रैली का किया नेतृत्व

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दार्जिलिंग : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ दार्जिलिंग हिल्स में चार किलोमीटर लंबे विरोध मार्च का बुधवार को नेतृत्व किया। रैली की शुरूआत दार्जिलिंग में मॉल के निकट भानु भक्त भवन से हुई और चौकबाजार क्षेत्र में इसका समापन हुआ। इससे पूर्व ममता ने सीएए और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ राज्य के विभिन्न भागों में दस विरोध मार्च और छह रैलियों का नेतृत्व किया था।

केंद्र सरकार की एनआरपी बैठक का बहिष्कार करने वाला अकेला राज्य

पश्चिम बंगाल देश का एकमात्र राज्य है जिसने एनआरपी के मुद्दे पर दिल्ली में केंद्र सरकार की बैठक का बहिष्कार किया और उत्तराबंग उत्सव का भी बहिष्कार किया। ममता बनर्जी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बंगाल में एनपीआर और सीएए लागू नहीं होगा। उसने राज्य के लोगों से वादा किया है कि वह हर दिन उनकी रक्षा करेगी।

ममता ने लोगों की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया

ममता रिचमंड हिल सरकारी आवास से पैदल चलकर नेहरू रोड स्थित एक पल्स पोलियो केंद्र पर पहुंची। जहां उन्होंने 3 शिशुओं को पोलिया रोधी दवा पिलाई। साथ ही वहां उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान ममता ने कुछ पत्रकारों एवं बच्चों के बीच कपड़े बांटे। इतना ही नहीं उन्होंने लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उनकी समस्याओं को दूर करने का हर संभव प्रयास करेंगी। वहीं लोगों ने भी अपनी समस्याओं को खुलकर दीदी के सामने रखा।

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