ममता ने ललकारा, हिम्मत हो तो राष्ट्रपति शासन लागू करो

जलपाईगुड़ी : 2021 के विधानसभा चुनाव के प्रचार में जुट चुकी तृणमूल प्रमुख व मुख्यमंत्री​ ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार को चैलेंज दिया है कि पिछली बार की तुलना में अधिक सीट जीत कर दिखाऊंगी। इतना ही नहीं ममता ने केंद्र पर तीखा हमला करते हुए कहा हिम्मत है तो बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर दिखाए। ममता ने भाजपा को सबसे बड़ा डकैत कहते हुए आरोप लगाया कि वह चंबल के डकैतों को बंगाल में ला रही है। ममता मंगलवार को जलपाईगुड़ी के काॅलेजपाड़ा स्थित एबीपीसी ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा को बंगाल से तड़ीपार कर हर हाल में तृणमूल जीतेगी। तृणमूल ही भाजपा को पथ दिखायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जो किसी से भेदभाव नहीं करता, ना ही धोखा देता है। यहां की सरकार जो कहती है उसे पूरा करती है।

केंद्र सरकार को अल्टीमेटम, सिर झुकाकर राजनीति नहीं करती

मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे सिर झुकाकर राजनीति नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होता है तो हम और फ्री हो जायेंगे और गली-गली जाकर भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे और पहले से अधिक सीटों से हम जीतेंगे।

राज्य के अधिकार क्षेत्र में दखल दे रहा केंद्र

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र राज्य के अधिकार क्षेत्र में दखल दे रहा है। कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है। यहां बड़े-बड़े नेता आते हैं और राज्य सरकार उन्हें प्रोटोकॉल के तहत पायलट कार और कॉनवॉय मुहैया कराती है।

केंद्र में हिम्मत है तो राष्ट्रपति…

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को भी राज्य सरकार से सुरक्षा के साथ-साथ कॉनवॉय मुहैया कराया गया था लेकिन वे उसमें तय वाहनों से अधिक वाहन लेकर जा रहे थे। उन वाहनों में उपद्रवी तत्व भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप एक चीज गौर से देखें तो पायेंगे कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेताओं के वाहनों पर हमले होते हैं। वे कभी घायल तक नहीं होते लेकिन हमले का आरोप राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर मढ़ देते हैं। यह भाजपा की कुत्सित राजनीति है जिसे मैं भलीभांति समझती हूं। यहां यह सब नहीं चलने वाला। ममता ने खुद को लेकर कहा कि जमीन की राजनीति करके ही मैं यहां तक पहुंची हूं। मेरे पूरे शरीर पर वाममोर्चा के कैडरों द्वारा पिटायी से हुई चोट के निशान मौजूद हैं।

भाजपा अधिकारियों को डरा नहीं सकती

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को इस मुद्दे पर दिल्ली बुलाया जा रहा है। यह कितनी ओछी बात है। इस तरह भाजपा अधिकारियों को डरा-धमका नहीं सकती। मैं इस बात का पुरजोर विरोध करती हूं और मैं तीन आईपीएस अधिकारियों को दिल्ली नहीं भेजूंगी। केन्द्र को जो करना हो करे। बंगाल में भाजपा दंगा लगाने की फिराक में है। रोज उनके नेता यहां आ रहे हैं और हमारे मुख्य सचिव और डीजीपी को गृह मंत्रालय ने तलब कर दिया यह कौन सा प्रशासनिक कदम है? राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के पास क्या कोई काम नहीं है? भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की सुरक्षा में काई खामी नहीं थी, वे स्वयं प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर आवश्यकता से अधिक वाहन और आदमी लेकर चल रहे थे।

 

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