ममता दीदी आज तक नहीं हारीं विधानसभा चुनाव, क्या नंदीग्राम में मिलेगा धोखा?

कोलकाताः पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे विवार को निकलने शुरू हो गए हैं। शुरुआती रूझानों में टीएमसी को बहुमत मिलता दिख रहा है तो भाजपा भी सौ सीटों के पार जा चुकी है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नजर हॉटसीट नंदीग्राम पर देखने को मिल रही है।
हर कोई नंदीग्राम सीट के नतीजों को जानने को बेताब है। दोपहर 11 बजे तक की अपडेट के मुताबिक टीएमसी सुप्रीमो और सीएम ममता बनर्जी अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से 8,000 से ज्यादा वोटों से पीछे चल रही हैं।
महारानी का सेनापति से मुकाबला
नंदीग्राम सीट से टीएमसी सुप्रीमो और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी चुनावी मैदान में हैं। दूसरी तरफ उनसे बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी मुकाबला कर रहे हैं। एक दौर था जब शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी का सेनापति कहा जाता था। आज वही शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को चैलेंज कर रहे हैं। जबकि, लेफ्ट की प्रत्याशी मीनाक्षी मुखर्जी भी मैदान में हैं। साल 2016 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम की सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। इस बार उन्होंने ममता बनर्जी को 50,000 से ज्यादा वोटों से हराने का दावा किया था।
शुभेंदु का 50,000 से ज्यादा वोट से हराने का दावा
नंदीग्राम के किसान आंदोलन को समर्थन देकर टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने खुद को नेशनल लीडर के रूप में दिल्ली की राजनीति में भी प्रोजेक्ट करने में सफलता पाई थी। इसी नंदीग्राम में नामांकन के बाद ममता बनर्जी को चोट लगी और उन्होंने एक महीने तक व्हीलचेयर पर बैठकर प्रचार किया। इसी नंदीग्राम की वजह ममता बनर्जी ने तीन दशकों से ज्यादा पुराने लेफ्ट के शासन को उखाड़ने में सफलता पाई थी। ध्यान देने वाली बात यह है शुभेंदु अधिकारी कई बार दावा कर चुके हैं कि वो नंदीग्राम की सीट से 50 हजार से ज्यादा वोट से जीत रहे हैं।

 

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

नौकरीपेशा महिलाएं और गृहस्थी का बोझ

गृहस्थी को सही व अच्छे ढंग से चलाने के लिए स्त्री, पुरुष के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही है। इस कार्य में आगे पढ़ें »

…तो ऐसे बची 73 मरीजों की जान

कोलकाताः महानगर के एक निजी अस्पताल में पुलिसकर्मियों व स्वयंसेवी संगठन के सदस्यों की मदद से समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंच जाने से 73 कोरोना आगे पढ़ें »

ऊपर