महानगरः 50% बसें अब भी गैरेज में, सरकार से बस संगठनों ने लगाई गुहार

बस किराये में वृद्धि या अन्य ईंधन के स्रोत के लिए सहयोग की अपील
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः बड़े पैमाने पर अब भी बसें गैरेज में हैं। इस कारण बस मालिकों का हाल बेहाल है। यह कहना है ऑल बंगाल बस मिनी बस समन्वय समिति का। संगठन के महासचिव राहुल चटर्जी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, डीजल और अन्य सभी सामानों में बढ़ती वृद्धि के कारण यात्री परिवहन को संचालित करना बेहद मुश्किल हो रहा है। सरकार के कर उपकर और शुल्क के कारण डीजल की कीमत डीजल के मूल मूल्य से कहीं अधिक है। ईंधन और अन्य कल पुर्जों की बढ़ती लागत के साथ-साथ बस और मिनी बस का किराया बहुत कम है। बस संचालन में लागत अधिक होने पर आय में वृद्धि होनी चाहिए। राहुल चटर्जी ने कहा कि देखा जा रहा है कि यात्री परिवहन क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। ऐसे में इस क्षेत्र को बचाने के लिए ठोस उपाय की जरूरत है। सरकार या तो किराये में वृद्धि करे या फिर अन्य उपाय करे। आलम यह है कि दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरदुआर से लगभग 50% वाहन अभी भी गैरेज में पड़े हैं। राहुल चटर्जी ने कहा कि हमें पता चला है कि वेस्ट बंगाल ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन व साउथ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन की कुछ बसें परीक्षण के आधार पर ईंधन के किसी अन्य स्रोत से चल रही हैं, अगर यह सफल होती है तो सरकार के सामने हमारा भी निवेदन है कि हमारी मदद करें, जिससे हम भी सुविधा प्राप्त कर सकें। निजी ऑपरेटर इस अवसर को लेने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि वे आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। उपरोक्त परिदृश्य के तहत हमने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व राज्य के परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उचित कदम उठाएं, ताकि भारी संख्या में वाहन मालिक और स्टाफ कार्यों से जुड़े रह सकें।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

ब्रेकिंग : पुरुलिया में 237 से अधिक बच्चे बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती

पुरुलिया : पुरुलिया देवेन महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु विभाग में बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। घटना के आगे पढ़ें »

ऊपर