पहाड़ पर भारी बारिश के बीच भूस्‍खलन से जन जीवन अस्त व्यस्त

 बड़ी संख्या में पर्यटक होटलों और रिसार्ट में ही रहने को हुए बाध्य
दार्जिलिंग/मिरिकः दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मिरिक सहित पहाड़ के अन्य हिस्सों में सोमवार दे रात से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं पहाड़ पर बड़ी संख्या में आये पर्यटक भी हाेटलों और रिसार्ट में ही फंसे रहने को बाध्य हो गये। इसी बीच मिरिक में कई स्‍थानों पर भूस्‍खलन के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जाहिर की।
मिरिक महकमा अंतर्गत कई गांव और बस्ती के भूस्‍खलन की चपेट में आने से वहां के नागरिक इलाके में फंसे रहने को बाध्य हो गये हैं। मिरिक महकमा के थर्बु चायबागान अंतर्गत नंदलाल गांव निवासी अनूप राई के घर के समक्ष ही भूस्‍खलन होने से वह पूरा इलाका मलबे से भर गया है। वहीं ओकेटी गांव में भी दो घर भूस्‍खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं कई गांवों में बड़े पेड़ों के गिरने से यातायात ठप हो गया है। घैयाबाड़ी जंगल में भी भूस्‍खलन के कारण क्षेत्र के नागरिकों को आंशिक क्षति पहुंची है।
उल्लेखनीय है दशहरा के पूर्व और उसके बाद अच्छे मौसम के कारण जहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी वहीं बारिश ने पर्यटकों के उत्साह को ठंडा कर दिया। मंगलवार को पूरे दिन पर्यटक होटलों में रहने को बाध्य रहे।
पहाड़ों की रानी कही जाने वाली दार्जिलिंग और इसके आसपास के क्षेत्रों में अक्टूबर माह से जनवरी तक पर्यटकों की भीड़ रहती है। इसमें बारिश के कारण पर्यटकों को काफी दिक्कत हो जाती है।
दार्जिलिंग जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बीच होने वाली क्षति का आकलन किया जा रहा है। जिला, महकमा और ब्लाक स्तर पर अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर क्षति का जायजा ले रहे हैं।

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