लक्खी पूजा में मां लक्ष्मी भी होंगी छोटे आकार की

कोलकाता : कोरोना काल के दौरान दुर्गा पूजा के बाद अब लक्खी पूजा का समय आ गया है। इस दौरान सभी घरों में इस पूजा की तैयारी शुरू हो गयी हैं। लेकिन कहीं न कहीं कोरोना महामारी का प्रभाव इस त्योहार पर भी पड़ा है। धन की देवी लक्खी देवी की बंगाल में घर-घर पूजी जाती है। पूजा को लेकर बाजार में भी चहल-पहल बढ़ गई है। लेकिन मूर्तिकारों के बाजार का हाल खराब है क्या यहां भी बजट कम हो गया है।

नहीं हो रही बड़ी मूर्तियों की बिक्री गणेश पूजा से लेकर दुर्गा पूजा सभी पूजा में कोरोना महामारी को देखते हुए ज्यादा शोर-शराबा न करते हुए और कोरोना के सारे नियमों को मानते हुए मनाए गए। बाजारों का हाल काफी खराब है साथ ही मूर्तिकार भी मायूस हैं। सन्मार्ग से हुई खास बातचीत में कुम्हारटोली के मूर्तिकार पुष्पा चौरसिया ने बताया कि गणेश पूजा और दुर्गापूजा तो जैसे-तैसे निकल गयी लेकिन लक्खी पूजा का बाजार काफी खराब है।

लोग आ तो रहें है लेकिन कीमतों को लेकर काफी परेशानियां हो रही है। साथ ही छोटी मूर्तियों की डिमांड ज्यादा हो रही है। मूर्तिकार गौरांग पाल ने बताया कि बाजार ठीक-ठीक चल रहा है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष वैसा कुछ भी प्रभाव नहीं दिख रहा है। लेकिन उम्मीद है कि सबकुछ जल्द ठीक होगा। मूर्ति खरीदने आए अभिषेक घोष ने कहा कि हर वर्ष घरों में इस मौके पर काफी लोग आते हैं और काफी धूमधाम से इस पूजा को मनाते हैं लेकिन इस वर्ष छोटे रुप में ही इस पूजा को मना रहें हैं।

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