कोविड ने किया तनीषा को अनाथ, खड़दह पालिका ने ली पढ़ाई की ​जिम्मेदारी

स्थानीय निकाय की इस भूमिका की लोग कर रहे हैं सराहना
वहीं केंद्रीय योजनाओं को लेकर उ​चित जानकारी नहीं मिल पाने का लग रहा आरोप
खड़दह : देश के लाखों बच्चों की तरह ही कोविड के कहर ने खड़दह की रहनेवाली 13 साल की तनीषा सिंह हंसपाल के सिर से भी उसके अभिभावक का साया छीन लिया। जो मनीषा दो महीने पहले उनके सहारे उच्च शिक्षा के सपने देख रही थी वहीं अचानक उसका आगे का जीवन अंधकारमय हो गया। तनीषा ऐसे कुछ बच्चों से किस्मत की थोड़ी धनी तो अवश्य है जिन्हें इसके बाद भी कहीं सहारा नहीं मिलता, क्योंकि उसके मौसा अमित घोष ने उसके भरण-पोषण का भार वहन करते हुए उसके अभिभावक की जिम्मेदारी ले ली। इस पर भी चुनौतियां कम नहीं हुईं तो तनीषा की शिक्षा के ​लिए खड़दह पालिका ने मार्ग खोल दिये हैं। यह पहली बार है ​जब कोविड से अनाथ हुए बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी एक स्थानीय निकाय ने ली है और इस दिशा में एक मिसाल पेश की है। खड़दह पालिका प्रशासक नीलू सरकार ने कहा कि कोविड की दूसरे लहर ने जो तबाही मचायी है उससे नयी पौध भी काफी प्रभावित हुई है। यही कारण है कि पालिका ने बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया कि हम ऐसे बच्चों के साथ खड़े होंगे जिन्होंने कोविड के कारण अपने अभिभावकों को खो दिया। हमें पता चला कि पालिका के 14 नंबर वार्ड बोसपाड़ा, मधुरमाठ की निवासी 9वीं की छात्रा तनीषा सिंह हंसपाल पर यह कहर बरपा है ​जिस कारण हमने उससे संपर्क किया। फिलहाल पालिका उसकी शिक्षा की दिशा में प्रति महीने 5 हजार रुपये देगी ताकि उसकी पढ़ाई न प्रभावित हो। वहीं पालिका के इस सहयोग की सराहना करते हुए तनीषा के मौसा अमित घोष ने बताया कि उसके पिता राजेश सिंह हंसपाल व मां तनीमा सिंह हंसपाल की मौत 29 मई को एक ही दिन हो गयी। एक अभिभावक के तौर पर हम फिलहाल उसके साथ खड़े हैं मगर उम्मीद करते हैं तनीषा की उच्च शिक्षा में आ​र्थिक परेशानी बाधा न बने इसके लिए उसे सरकारी योजनाओं का लाभ उसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि मगर विंडबना यह है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री चाइल्ड केयर फंड से ऐसे बच्चों के लिए घोषणाएं तो की गयी हैं मगर उस दिशा में रजिस्ट्री करने में कोई सहूलियत नहीं मिल रही। ऐप के जरिये महज फार्म मिल रहे हैं मगर उसे सबमिट करने या फिर अन्य कोई जानकारी नहीं मिल पा रही। हमारी कोशिश है कि तनीषा को भी इस योजना का लाभ मिले, पर यह सब महज कागजी ही नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की घोषणाएं तो सामने आती हैं मगर उस दिशा में रास्ते नहीं सुझाये जाने से आम आदमी इससे वंचित रह जाता है अतः मेरी गुहार है कि जिला प्रशासन ही हमारा मार्गदर्शन करे। वहीं इस विषय व सरकारी योजनाओं से तनीषा को जोड़ने को लेकर पालिका प्रशासक नीलू सरकार ने कहा कि डीएम तक हम यह बात पहुंचा रहे हैं। वहीं नन्हीं तनीषा का कहना है कि वह एयरहोस्टेस बनने का सपना देखती है मगर उसे मेडिकल में उच्च शिक्षा भी लेनी है अतः वह चाहती है कि उसे भी सरकारी मदद मिले। उसने कहा कि पालिका की ओर से उसे पढ़ाई के लिए पैसे मिलेंगे, इस बात को वह समझती है अतः वह आगे खूब मन लगाकर पढ़ाई करेगी।

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