‘इमरजेंसी’ मोड पर आया कोलकाता का प्रदूषण !

  • विश्व में सबसे प्रदूषित शहरों की तालिका में चौथा, देश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना कोलकाता
  • फिजां में घुले जहर को कम करने के लिए किए जा रहे तमाम उपाय

सोनू ओझा
कोलकाता : प्रदूषण के मामले में दिल्ली आज जानलेवा स्थिति में आ चुकी है। स्थिति इतनी खराब है कि सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देना पड़ा और केंद्र सरकार से उपाय के तौर पर लॉकडाउन तक लगाने के बारे में कहा गया। इतना ही नहीं आज विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली का स्थान सबसे ऊपर आ चुका है। जितनी खतरनाक ​आज दिल्ली की हवा है उतना ही जहरीली कोलकाता की फिजां हो गयी है। प्रदूषण के मामले में कोलकाता का नाम पूरे विश्व में चौथे नबंर पर दर्ज हो गया है जबकि अपने ही देश में कोलकाता का स्थान दूसरे पायदान पर है। यह सिर्फ तालिका नहीं बल्कि घंटी है खतरे की जिससे अभी नहीं निपटा गया तो आने वाले समय में लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो जाएगा क्योंकि कोलकाता का प्रदूषण अब ‘इमरजेंसी’ मोड पर आ चुका है।
दिल्ली, कोलकाता फिर मुंबई की हवा है जहरीली
स्विट्जरलैंड की एयर क्वालिटी इंडेक्स पर निगरानी रखने वाली संस्था आईक्यूएअर की वायु गुणवत्ता और प्रदूषण शहर ट्रैकिंग सेवा ने विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट जारी की है। टॉप 10 प्रदूषित शहरों में भारत के तीन शहर दिल्ली, कोलकाता और मुंबई के नाम शामिल हैं। दिल्ली का स्थान पूरे विश्व में पहला है। जबकि कोलकाता विश्व में चौथे स्थान पर तथा देश में दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा मुंबई का नाम विश्वमंच पर छठे नंबर पर तथा देश में तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया है।
दिवाली की आतिशबाजी नहीं पुराने वाहन हैं कारण
प्रदूषण बढ़ने-बढ़ाने के लिए दिवाली की आतिशबाजी को मुख्य कारण माना जा रहा था जबकि इस सर्वे में पाया गया है कि हवाओं को जहरीला बनाने में पटाखे कारण नहीं बल्कि पुरानी गाड़ियों का इस्तेमाल मुख्य कारण है। इनसे निकलने वाला धुआं वायुमंडल के कणों को जानलेवा बना रहा है। इन कारणों को भांपते हुए सरकार की ओर से 15 साल पुरानी गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक लगायी जा चुकी है तथा उन्हें स्क्रैप में तब्दील तक करना का निर्देश दे दिया गया है। बावजूद इसके कोलकाता में पुरानी गाड़ियों की कतार कम होने का नाम नहीं ले रही है।
परिवहन मंत्री ने कहा ई-ह्वीकल पर दिया जाएगा जोर
राज्य के प​रिवहन मंत्री फिरहाद हकीम ने प्रदूषण पर रोकथाम के लिए ही ई-ह्वीकल के इस्तेमाल पर जोर देने की बात कही है। उन्होंने कहा ​कि राज्य सरकार की ओर से ज्यादा से ज्यादा ई-ह्वीकल की व्यवस्था की जा रही है ताकि पुरानी गाड़ियों को रिप्लेस किया जा सके।

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