नेपाल के लिए डायरेक्ट उड़ान नहीं होने से लंदन जैसा किराया देने को मजबूर कोलकातावासी

नेहा सिंह 

दिल्ली से होकर जाने पर देना पड़ रहा है दुगना किराया

कोलकाता : दुर्गापूजा के पहले नेपाल के लिए डायरेक्ट उड़ान कोलकाता से नहीं होने के कारण यहां के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कम बजट में नेपाल में टूरिज्म का बढ़िया अवसर रहता है। एक तो यहां पशुपति नाथ मंदिर का दर्शन हो जाता है और दूसरे एक से एक पर्यटन स्थल भी कोलकातावासियों को वहां देखने को मिलते हैं। इसके साथ बंगाल के काफी लोग नेपाल में रहते भी हैं और वहीं व्यवसाय करते हैं। कोलकाता से काफी युवा एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए नेपाल जाते हैं। अब इन्‍हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। या तो सड़क के रास्ते बिहार या फिर बंगाल से उन्हें घंटों सफर करके नेपाल जाना पड़ेगा, जो कि काफी परेशानी वाली ट्रिप हो जाती है। कोलकाता एयरपोर्ट डायरेक्टर सी. पट्टभी ने कहा कि अभी तक कहीं से कोई भी सूचना नेपाल के लिए उड़ानों की शुरुआत के लिए नहीं आयी है, न ही किसी एयरलाइंस ने इसके लिए संपर्क किया है।
क्या कहना है कोलकातावासियों का
दमदम इलाके के रहने वाले तथा फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉक्टर गौतम दास ने बताया कि उनके बेटे नेपाल के काठमांडू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएम सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं। दुर्गापूजा में उन्हें कोलकाता आना था, इसलिए बुकिंग करानी पड़ी। उनका कहना है कि नेपाल से डायरेक्ट कोलकाता की उड़ान नहीं होने के कारण उन्हें दिल्ली से होकर कोलकाता आने की बुकिंग करवानी पड़ी। इसमें उन्हें एक साइड का फेयर 25 ह​जार रुपये देने पड़े। वहीं कोलकाता से जाने पर भी ऐसा ही खर्चा करना होगा। उनका कहना है कि इतना अधिक फेयर सबके वश की बात नहीं है। वहीं टॉलीगंज की रहने वाली अरुणा राय ने बताया कि वे काठमांडू घूमने जाना चाहती हैं लेकिन इतना किराया देकर जा पाना संभव नहीं है। उनका कहना है कि ट्रेन परिसेवा उपलब्ध है लेकिन टिकट नहीं मिल रहा है। वहीं सड़क के रास्ते जा पाना काफी थकान भरा सफर है। ऐसे में नेपाल जाने का उनका इस बार का प्लान कैन्सिल हो गया। अगर उड़ान सेवाएं कोलकाता से उपलब्ध होतीं तो मैं अपने परिवार के साथ जरूर जाती।


क्या कहना है नेपाल कांसुलेट का
कोलकाता स्थित नेपाल कांसुलेट ऑफिस के कांसुल बिश्व प्रसाद पनेरू ने कहा कि कांसुलेट कार्यालय की ओर से नेपाल सरकार से इस बारे में निवेदन किया गया है कि कोलकाता से काठमांडू के लिए उड़ान परिसेवाओं की शुरुआत की जाए। कोलकाता से काफी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए नेपाल जाते हैं। कोलकाता से ट्रेन परिसेवाएं जारी हैं। हावड़ा से रक्सौल तक की ट्रेन है। इसके अलावा यात्री कोलकाता से पटना व वहां से बस के रास्ते भी जा सकते हैं। वहां जाने के लिए विजा की भी जरूरत नहीं है। यात्रियों के पास पासपोर्ट, वोटर कार्ड या फिर आधार कार्ड रहने से ही वहां जाया जा सकता है।
कहां-कहां घूमने जा सकते हैं नेपाल में
नेपाल में वैसे तो काफी डेस्टिनेशन हैं लेकिन 5 बेहतरीन डेस्टिनेशन में पोखरा, लुम्बिनी, मुक्तिक्षेत्र, पशुपति नाथ मंदिर तथा चितवन नेशनल पार्क हैं। नेपाल की ट्रिप बंगालवासियों को खासा पसंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तो कम बजट में एक विदेशी गंतव्य में घूमना हो जाता है और दूसरा प्राकृतिक छटाओं में घूमने का लोगों को अवसर मिल जाता है।
क्या कहना है ट्रैवेल टूरिज्म से जुड़े व्यवसायी का
इस बारे में ट्रैवेल एजेंट्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया, ईस्ट के सेक्रेटरी व एयरकॉम ट्रैवेल्स के चेयरमैन अंजनी धानुका ने बताया कि दूर्गापूजा तक उड़ान परिसेवा की शुरुआत की उम्मीद है। भारतीय एयरलाइंस इसकी शुरुआत कर सकती है। उन्होंने कहा कि नेपाल एक बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन है जहां काफी संख्या में बंगाल से लोग जाना पसंद करते हैं। इस बार उड़ान परिसेवाओं के बंद होने के कारण काफी मुश्किलों का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है। जो यात्री नेपाल से दुर्गापूजा के दौरान लौटना चाहते हैं, उन्हें काफी खर्च करना पड़ रहा है। बंगाल से कुछ छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए नेपाल गये हैं। उन्हें नेपाल से दिल्ली होकर कोलकाता आना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें 25 हजार रुपये सिर्फ टिकट के देने पड़ रहे हैं।


इसलिए लंदन से किया जा रहा है कम्पेयर
कोलकाता से काठमांडू की उड़ान नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी जेब ढीली करनी पड़ रही है। काठमांडू जाने व आने में 50 हजार तो उड़ान का​ किराया ही लग जा रहा है। ऐसे में लोग कहने लगे हैं कि अगर लंदन की उड़ान के टिकट 2 महीने पहले बुक किये जाते तो 40 से 50 हजार के भीतर यह उपलब्ध हो जाते हैं यानी नेपाल का किराया और लंदन के किराये में सीधे तौर पर लोग कम्पेयर करने लगे हैं।

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