यास की तबाही से जल्द निपटने को तैयार है कोलकाता

अम्फान से मिली है बड़ी सीख, 90 से अधिक की गयी थी जान
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एक साल पहले आये महाचक्रवात अम्फान से सीख लेते हुए इस बार कोलकाता ने कई तरह की तैयारियां कर ली हैं। बंगाल के साथ ही कोलकाता की तरफ बढ़ते यास तूफान की तबाही को भांपते हुए प्रशासन की तरफ से अलग-अलग व्यवस्थाएं कई दिनों पहले से ही शुरू कर दी गयी हैं। सोमवार को कोलकाता में विभिन्न जगहों पर पेड़ों की झूलती खतरनाक डालियों को काटा गया, साथ ही होर्डिंग्स व झूलते तारों को कई जगहों पर ठीक करते हुए देखा गया। इसके अलावा हाई स्ट्रीट लाइट्स का काम किया गया। कोलकाता पुलिस, केएमसी, सीईएससी, पीडब्ल्यूडी से लेकर अन्य विभाग के कर्मी यास की तबाही से जल्द निपटने के कार्यों में जुटे दिखे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कोलकाता के लिए चार नौकाएं रखी गयी हैं ताकि अगर लोग जलबंदी होते हैं तो उन्हें बाहर निकाला जा सके। इसके लिये 300 सिविक वॉलंटियर्स तैयार हैं। वहीं पेड़ काटने के लिए करीब 110 कर्मियों को लगाया गया है। केएमसी से सम्पर्क रखते हुए अन्य कई तरह के कदम उठाये जा रहे हैं।
हटायी गयी खतरनाक झूलतीं डालियां
अम्फान के दौरान कोलकाता में चारों ओर पेड़ ही गिरे नजर आये थे। करीब एक सप्ताह तक कई रास्ते इसके कारण बंद हो गये थे। कोलकाता की लगभग 45 प्रतिशत हरियाली नष्ट हो गयी थी। इस बार यास के मद्देनजर पहले से तैयारी है, तबाही के बाद कैसे जल्दी से निपटा जाये इसके लिए रविवार के बाद सोमवार को भी मैदान, डलहौसी सहित विभिन्न जगहों पर जोखिम भरी डालियों को काटा गया। हाइलेडर से मैदान क्षेत्र के कई पेड़ों की भी डालियों को छोटा किया गया, ताकि तूफान तेज भी हो तो जोखिम अम्फान की तरह नहीं हो।
ऊंची स्ट्रीट लाइट्स को नीचे उतारा गया, बत्तियां की गयीं बंद
जैसा कि तूफान की गति काफी अधिक होगी। इससे पोल से लेकर ऊंची स्ट्रीट लाइट्स के गिरने की संभावनाएं बहुत ज्यादा होती हैं। इसके मद्देनजर एहतियात के तौर पर कोलकाता में कई जगहों से साेमवार को ऊंची स्ट्रीट लाइटों को खोला गया है। इस कार्य में जुटे पीडब्ल्यूडी के एक कर्मी ने बताया कि तेज हवा में ऊंची स्ट्रीट लाइटों से खतरा होता है। इसलिए लाइट्स को हटा दिया जा रहा है। जब मौसम ठीक होगा उसके बाद फिर इन्हें ऊपर कर दिया जायेगा। मैदान एरिया में सोमवार को यह कार्य किया गया है। इसी तरह से अन्य एरिया में भी पीडब्ल्यूडी की तरफ से यह काम किया गया है।
खोले गये बड़े – बड़े होर्डिंग्स
पेड़, पोल के साथ ही होर्डिंग्स के भी तेज हवा में गिरने का बेहद ही खतरा होता है। पुलिस, केएमसी की तरफ से विभिन्न जगहों के होर्डिंग्स को खोला गया। खासकर जो मोड़, रास्तों के दोनों ओर से जो खतरनाक स्थिति में हैं उन होर्डिंग्स को हटाया गया है।
अम्फान के कहर में गयी थी 90 से अधिक जानें, मची थी तबाही
गत साल 20 मई की रात बंगाल में महाचक्रवात अम्फान काल बनकर आया था। सरकारी बयान के अनुसार अम्फान ने डायरेक्ट-इनडायरेक्ट रूप से राज्य के पूरे लोगों को प्रभावित किया था तथा मरने वालों की संख्या लगभग 90 पार पहुंच गयी थी। 6 घंटे का तांडव और सब कुछ ध्वंस हो गया। मरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी थी।
लोग घर से बेघर हो गये थे
उस रात प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से 3 लाख लोगों को जिलों में सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया था। अम्फान ने हरियाली को भी पूरी तरह से रौंद दिया था। सबसे ज्यादा असर कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा और हुगली जिलों में देखने को मिला था। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। कई-कई गांव पूरी तरह तबाह हो गए थे।

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