यास के कहर से बच गया कोलकाता, लोगों ने ली चेन की सांस

* 60 से 65 के बीच रही विंड स्पीड
* दिनभर रूक – रूककर होती रही बारिश
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : यास तूफान ने जहां जिलों में अपना कहर रूप दिखाया वहीं इसके विपरीत कोलकाता इससे बेअसर रहा। जैसा कि आशंका जतायी गयी थी बुधवार की भोर से लेकर दोपहर 12 बजे तक यास लैंडफॉल कर सकता है, जिसका असर कोलकाता में भी भरपूर दिखने संभावना थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं कोलकाता के लोगों में सुबह से ही इसे लेकर चिंता जरूर थी लेकिन तूफान ने कोलकाता उस तरह नुकसान नहीं पहुंचाया जितनी आशंका व्यक्त की जा रही थी। यहां 60 से 65 के बीच की विंड स्पीड रही। महानगर के विभिन्न इलाकों में दिनभर रूक – रूककर बारिश होती रही। हालां​कि प्रशासन की तरफ से लगातार लोगों को सचेत किया जा रहा था कि वे घरों में ही रहें। क्यों​कि घुर्णीझड़ की संभावना भी थी। सीएम ममता बनर्जी ने बुधवार को भी लोगों से अपील की गुरुवार तक सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की तरफ से कोलकाता में थी ऐसी तैयारियां
अम्फान के कहर को झेल चुका कोलकाता। बिजली पानी के चारों तरफ कई दिनों तक हाहाकार थी। लगभग हर रास्ते पर ही इतने पेड़ गिरे थे कि कई दिनों तक रास्ते ही बंद हो गये। अम्फान की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने इस बार कोलकाता के लिए काफी तैयारियां कर रखी थी। डीएमजी, फायर, बिजली विभाग, पीडब्ल्यूडी, केएमसी, कोलकाता पुलिस व अन्य विभाग यास को लेकर अलर्ट मोड पर था। कई दिनों पहले से ही विभिन्न जगहों पर पेड़ों के खतरनाक डालियों काे काट दिया गया था। ताकि तेज तूफान में डालियों के गिरने से जानमाल का खतरा नहीं हो। इसके साथ ही कोलकाता के विभिन्न रास्तों पर ऊंची स्ट्रीट लाइटों को उतार दिया गया था। होर्डिंग को भी उतार दिया गया था। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट को बुझा दिया गया था। थाने स्तर पर पूरी तरह से अलर्ट मोड पर थे। जगह – जगह केएमसी की तरफ से क्रेन, डम्पर व अन्य गाड़ियां भी रखी गयी थी, ताकि अगर कहीं पेड़ गिरता है तो तुरंत उसे हटाया जा सके। विधायक से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने अपने इलाकों में यास के मद्देन​जर इमरजेंसी अगर पड़ती है तो उस तरह व्यवस्था किया था।
अस्पताल में थी ऐसी व्यवस्थाएं
जैसा कि कोरोना महामारी संकट जोरो पर है। वहीं तूफान का खतरा और ज्यादा परेशानी भरा हो सकता था। ऐसे में विभिन्न निजी व सरकारी अस्पतालों में यास के मद्देनजर पूरी तैयारियां की गयी थी। मंगलवार की रात से ही स्टाफ, डॉक्टर, नर्स व अन्य इमरजेंसी कर्मियों को अस्पताल में ही रहने की व्यवस्था की गयी थी। इसके साथ ही ऑक्सीजन का पर्याप्त स्टॉक रखा गया था। अतिरिक्त जनरेटर की व्यवस्थाएं थी। अधिकांश अस्पतालों में ही विशेष टीम अलर्ट मोड पर थी ताकि महामारी काल में यास के कारण मेडिकल सेवाओं में कोई परेशानी नहीं हाे।
कोलकाता के कई इलाकों हुए जलमग्न
ज्वार के कारण कोलकाता के कई इलाकाें में भारी जलजमाव हो गया। पानी घरों में घुस गये। चेतला, कालीघाट बस्तियों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने अंदाजा नहीं लगाया था कि इतना ज्यादा पानी घरों में घुस सकता है। प्रशासन की तरफ से बस्तियों में रहने वालों के लिए अलग राहत शिविर में रहने की व्यवस्थाएं की गयी थी। कालीघाट बस्ती इलाके में रहने वालों का कहा कि वे बस्ती इलाके में ही रहेंगे।

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