केएमसी की कोशिश से धापा बनेगा हरियाली का केंद्र

कोलकाता : धापा महानगर की ऐसी जगह है जहां पर वर्षों से महानगर के कचरों को फेंका जाता रहा है लेकिन इन कचरों के अंबार को कोलकाता नगर निगम बड़ी खूबसूरती से सजा कर हरियाली को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। 12.14 हेक्टयर में फैले धापा डम्पिंग ग्राउंड को ग्रीन फिल्ड के तौर पर तैयार किया जा रहा है। जिसके लिये धापा में कार्य शुरू भी कर दिया गया है। धापा के एक हिस्से को मॉडल प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है जो कि काफी आकर्षक लग रहा है।

धापा में नहीं फेंका जाएगा कचरा

मेयर फिरहाद हकीम ने बताया कि आने वाले समय में धापा डम्पिंग ग्राउंड लोगों के लिये भी आकर्षण का केन्द्र बन सकता है। इसके साथ ही अब महानगर के कचरों को धापा में नहीं फेंका जाएगा बल्कि कोलकाता नगर निगम की ओर से फैक्ट्री तैयार किया जा रहा है जहां पर कचरों को रिसाइकिल किया जाएगा।

कचराें को निगम करेगा बायोमाइनिंग

महानगर के हर रोज निकलने वाले 4 हजार मैट्रिक टन कचरा को कोलकाता नगर निगम अब बायोमाइनिंग पद्धति के जरिये खत्म करेगा। इसके तहत यहां मौजूद कचरे को छांटकर उपयोग लायक वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही बायोमाइनिंग के जरिये अलग किये गये कचरों को डंप साइट से निकालकर कंपोस्ट को कूड़े से अलग किया जाएगा।

खाद के रूप में भी किया जा सकता है इस्तेमाल

गौरतलब है कि इसके बाद बचे हुए कूड़े से रिफ्यूज्ड डेराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) को छांटा जाएगा। इसका इस्तेमाल गैसिफायर या एनर्जी प्लांट के जरिए बिजली बनाने में किया जा सकता है। इसके अलावा कंपोस्टेबल मैटीरियल का इस्तेमाल खाद के रूप में, प्लास्टिक का इस्तेमाल सड़क और दूसरे पदार्थों के साथ इसका मिश्रण कर ब्रिक्स बनाने के लिए भी किया जाएगा है।

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