‘कन्याश्री योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बेटियों को स्वावलंबी करना है’

  • 73 लाख कन्याएं अब तक इस योजना से जुड़ी हैं
  • कन्याश्री योजना देशभर के लिए गौरवान्वित योजना है
  • बेटियों के विकास की तरफ केंद्र सरकार की नजर नहीं है

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य भर में शनिवार को कन्याश्री योजना का आठवां वर्ष मनाया गया। कोविड को ध्यान में रखकर बेहद ही सादगी से कायक्रमों का पालन हुआ। कन्याश्री का राज स्तर पर मुख्य कार्यक्रम रवींद्रसदन में आयोजित हुआ। इस मौके महिला व शिशु विकास तथा समाज कल्याण मामलों की मंत्री डॉ. शशि पांजा ने कहा कि कन्याश्री योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि कन्याओं के लिए के सशक्तिकरण है, उन्हें स्वावलंबी करना है। सीएम ममता बनर्जी की अनुप्रेरणा से 2013 से यह कन्याश्री योजना चल रही है और आगे भी चलेगी। अभी तक इस योजना के लिए दस हजार करोड़ रुपये आवंटन होकर खर्च हुए और 73 लाख कन्याएं यूनिक आईडी के साथ इससे जुड़ी हैं। कन्याओं के साथ खड़ी होकर सपने को सच कराना ममता बनर्जी ने उन्हें सिखाया है। सीएम हर वर्ष कन्याश्री योजना का मूल्यांकन करती हैं। मगर केंद्र की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाआें योजना कहां गयी ? कितनी लाभान्वित हुई? बेटियों के विकास की तरफ केंद्र सरकार की नजर नहीं है, केवल बोलने के लिए है और विज्ञापन के लिए है। बेटियों को स्वावलंबी करना यह भी तो योजना का हिस्सा है, केंद्र सरकार क्या कर रही है। पहले तो बेटियों को सम्मान देना होगा। हमलोगों हाथरस की घटना देखी है वहां बेटी के साथ क्या हुआ। मुझे लगता है कि ममता बनर्जी की गुड्स गर्वनेंस पूरे देश में तक पहुंचनी चाहिए। कन्याश्री योजना को विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई है, यह योजना देश के लिए गौरवान्वित योजना है।
मंत्री ने कहा कि हमारी कन्याएं कोरोनाकाल में भी बेहतरीन कार्य कर रही हैं। हाल के दिनों में किसी ने मास्क बांटा, किसी ने बच्चों को पढ़ाया। दार्जिलिंग में एक ऐसी कन्या है जो स्कूल को ही आंगन में ले आयी है और बच्चों को पढ़ाती है। इस दिन कार्यक्रम में कोलकाता सहित अलग – अलग जिलों से 12 कृति छात्राओं को सम्मानित किया गया। कई स्कूल, कॉलेज द्वारा योजना को बेहतरीन रूप से लागू करने के लिए टीचर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभागीय सचिव संघमित्रा घोष ने कहा कि हमलोग प्रत्येक साल 30 लाख से भी अधिक कन्याओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाने में सफल हो रहे हैं। इस मौके पर यूनिसेफ के चीफ फिल्ड ऑफिस मो. मोहिनुद्दीन, सचिव ने एनआईसी की तरफ से संस्था के सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर गौतम सेनगुप्ता, पश्चिम बंगाल महिला आयोग की चेयरपर्सन लीना गांगुली, वेस्ट बंगाल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की चेयरपर्सन अन्नया चक्रवर्ती उपस्थित थे।

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