के डी सिंह : ना इधर के रहे ना उधर के

ED raid on rose valley

2018 में केडी सिंह पर पीएमएलए के तहत मामला किया गया दर्ज
कोलकाता : के डी सिंह के बारे में अब यही कहा जा रहा है कि वे अब न इधर के रहें और न हीं उधर के। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका अब न तो राजनीतिक वजूद रहा और न ही व्यवसाय जगत में उनकी पहचान। सिंह दवा कंपनी ‘एल्केमिस्ट ग्रुप’ के अध्यक्ष थे और उन्होंने 2012 में पद से इस्तीफा दे दिया था। कहा जाता है कि वह वर्तमान में कारोबारी समूह के ‘‘एमरिटस चेयरमैन’’ और संस्थापक हैं। उन पर आरोप है कि अल्केमिस्ट ग्रुप की 14 कंपनियों के जरिये लोगों को करीब 1900 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया। सेबीI की ओर से कंपनी, इसके डायरेक्टर और शेयर होल्डर्स पर मामला दर्ज किया गया। 2 मामलों में सिंह और उनसे जुड़े लोंगों के परिसरों पर सितंबर 2019 में छापे मारे थे।

2 साल बाद इसलिए हुए गिरफ्तार
इन दिनों बंंगाल से जुड़े सभी मामलों पर केन्द्रीय एजेंसियों की पैनी नजर है। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन के दो मामलों में सिंह और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों पर सितंबर 2019 में दिल्ली एवं चंडीगढ़, पंचकूला, पंजाब के एसएएस नगर और शिमला में छापा मारा था तथा 239 करोड़ रुपये की अल्केमिस्ट ग्रुप की संपत्ति अटैच की थी। इनमें रिजॉर्ट, शोरूम और बैंक खाते भी शामिल थे। 2017 में, कोलकाता पुलिस ने अल्केमिस्ट ग्रुप और के डी सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 409 और 120 बी के तहत एक मामला भी शुरू किया था।

कोलकाता पुलिस के मामले में पर भी ईडी ने मामला दर्ज किया था
पहला मामला कोलकाता पुलिस की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर और दूसरा मामला बाजार नियामक सेबी की ओर से दाखिल आरोप पत्र के आधार पर दायर किया गया है। वर्ष 2018 में कोलकाता पुलिस ने सिंह, उनके बेटे करनदीप सिंह, एल्केमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेट, एलकेमिस्ट होल्डिंग्स लिमिटेड तथा अन्य कंपनियों तथा निदेशकों के खिलाफ हजारों उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। वहीं सिंह और उनकी कंपनी ‘एलकेमिस्ट इंफ्रा रेड रिएलिटी लिमिटेड’ के खिलाफ एक अन्य मामला 2016 में दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने जमानत अर्जी इसलिए खारिज की
दिल्ली की अदालत में ईडी के अभियोजक एन के मट्टा ने कहा कि सिंह ने पहले दिये गये बयान से मुकर गये और उनके अपने ही बयान में विरोधाभास दिखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिंह के बैंक खातों से पता चलता है कि पैसा उनके स्वामित्व वाली अन्य कंपनियों के लिए भेजा गया था। इससे पहले मार्केट वॉचडॉग सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने कलकत्ता हाई कोर्ट में यह आरोप लगाया था कि सिंह 100 मिलियन डॉलर लेकर देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। सिंह के वकील हर्षित शेट्टी ने तर्क दिया कि सिंह को ऐसे मामले में गिरफ्तार किया जा रहा है जिसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। ईडी ने 14 दिनों की हिरासत की मांग की थी, शेट्टी ने तर्क दिया कि सिंह ने ईडी का हमेशा किया है। वे एजेंसी कार्यालय में बार-बार गये और इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। विशेष न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने हिरासत में पूछताछ के लिए ईडी का तर्क स्वीकार कर लिया और सिंह को तीन दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

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