राजनीति में पूर्ण विराम नहीं होता – जितेंद्र तिवारी

जितेंद्र के पोस्ट से राजनीतिक चर्चा हुई तेज
सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल : पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में जितेंद्र तिवारी का मुद्दा छाया रह रहा है। कभी शहरी विकास और नगर मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम के साथ लेटरवार के कारण तो कभी पद से त्यागपत्र दिये जाने के कारण तो कभी पार्टी में ही रहने की घोषणा के कारण जितेंद्र तिवारी प्रकरण चर्चा में रहा। ताजा घटनाक्रम के अनुसार इस बार चर्चा का विषय बन गया है उनके द्वारा सोशल मीडिया में किया गया एक पोस्ट। जानकारी के अनुसार उन्होंने ट्विटर पर लिख है कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। यह तो कॉमा, सेमी कॉलन व कॉलन का सिरीज होता है। उनके इस ट्विट के कारण उनके एवं विपक्षी पार्टी के नेताओं में तरह-तरह के चर्चा होने लगी है। इस मुद्दे पर उनकी ही पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि यह सब वे अपने समर्थकों का उत्साह बनाये रखने के लिए कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह सब लिखकर वे अपने विरोधियों को स्पष्ट संदेश देना चाह रहे हैं कि जो लोग उनके राजनीतिक करियर में विराम लग जाने की अटकले लगा रहे हैं, वे मुगलते में न रहें। संभव है कि उनके राजनीतिक करियर में कॉमा लगा हो पर फुलस्टाप कभी नहीं लगेगा। उल्लेखनीय है कि निगम प्रशासक पद व तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिये जाने के बाद से उनके विरोधी काफी मुखर हो गये हैं। आनन-फानन में विधायक कार्यालय पर कब्जा, इसके बाद उनके खिलाफ जुलूस निकाला गया हालांकि बाद में उस कार्यालय पर विधायक समर्थकों ने पुनः कब्जा कर लिया। पार्टी में ही उनके विरोधी काफी मुखर हो गये हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने जितेंद्र तिवारी का विरोध करने वाले नेताओं को कारण बताओ नोटिस देकर उनकी बोलती बंद कर दी है पर तृणमूल में ही उनके खिलाफ लोग मुखर हैं। राजनीति के जानकारों कहना है कि उनका यह पोस्ट अपनी ही पार्टी के अंदर विरोध करने वालों के लिए स्पष्ट संदेश है।

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