1100 करोड़ का घोटाला कर फरार ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस का इंस्पेक्टर गिरफ्तार

भारतीय क्षेत्र चेंगड़ाबांधा से बीएसएफ 148 बटालियन के जवानों ने उसे संदिग्‍ध हालत में सीमांत पर घूमते वक्त पकड़ा
बंगलादेश से नेपाल जाने के लिए आया था चेंगड़ाबांधा
सिलीगुड़ी/चेंगड़ाबांधाः भारत-बंगलादेश के चेंगड़ाबांधा सीमांत से बीएसएफ 148 बटालियन के अधिकारियों और जवानों ने 1100 करोड़ का घोटाला कर फरार ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के एक इंस्पेक्टर साेहेल राणा(46)को पकड़ लिया। बताया जाता है कि उसे संदिग्‍ध हालत में भारतीय क्षेत्र में घूमते देख कर बीएसएफ जवानों ने पूछताछ के बाद उनके बयानों को संदिग्‍ध पाया तब उन्हें पकड़ कर बीओपी में ले गये। वहां गहन पूछताछ के बाद उन्होंने अपना परिचय इंस्पेक्टर सोहेल राणा के रूप में किया। वहीं बीएसएफ को यह भी जानकारी मिली कि वह बंगलादेश में अपनी बहन के साथ मिलकर चिट फंड ओ ऑरेंज कंपनी के माध्यम से 11 हजार करोड़ का घोटाला कर चुके हैं। इन दिनों वे फरार चल रहे थे। वे बंगलादेश के गीमदंगा गांव के तुंगीपाड़ा थानांतर्गत जिला गोपालगंज के निवासी हैं। वहीं एक केन्द्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक ने बताया कि उसकी बहन को भी बंगलादेश पुलिस ने शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया है।
इधर बंगलादेश के इंस्पेक्टर सोहेल राणा के पास से 04 डेबिट कार्ड, 20 अमेरिकी डॉलर,15 यूरो, बंगलादेश सिम वाले 02 हाई एंड मोबाइल फोन और कुछ दवाएं बरामद की गईं।
बीएसएफ की पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे 2 सितंबर को बस से बस से ढाका से लालमोनिरहाट जिले के पाटग्राम पहुंचे। 3 सितंबर को वे दोपहर साढ़े 12 बजे बंगलादेश के पाटग्राम निवासी बाबू की मदद से बंगलादेश की सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किये थे। इसके लिए उन्होंने बाबू को 10 हजार बंगलादेशी टाका का भुगतान किया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे जानबूझ कर बंगलादेश से भारतीय क्षेत्र में आये थे और यहां से उनका गंतव्य नेपाल का काठमांडो शहर था। बीएसएफ ने बताया कि तीनबीघा के आंगरपोता दाहग्राम के रास्ते वे कूचबिहार के चेंगड़ाबांधा में आये और वहां से वे बस के माध्यम से सिलीगुड़ी के रास्ते पानीटंकी आने वाले थे। वहां से नेपाल सीमांत में प्रवेश कर बस से ही काठमांडो जाने की फिराक में थे।
खुफिया सूत्रों ने आशंका जाहिर करते हुए बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ उनका संबंध था। ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस में एक सब इंस्पेक्टर के तौर पर वे 2003 में बहाल हुए थे। इसके बाद ही 2003-2008 तक 21 अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ ही निलंबित रहे थे। वहीं 2008 में उनके निलंबन को निरस्त कर दिया गया था। उसके बाद से ही वे चिट फंड के जरिये घोटाले में शामिल हो गये।
घटना के बाद चेंगड़ाबांधा पहुंचे बीएसएफ जलपाईगुड़ी के डीआईजी संजय पंत और 148 बटालियन के कमांडेंट बी साहू ने भी उनसे पूछताछ की।
बीएसएफ ने बताया कि साेहेल राणा को जब्त सामानों के साथ कानूनी कार्रवाई के लिए मेखिलीगंज थाने के सुपुर्द कर दिया गया।

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