आमडांगा में मतदान के बाद हुए संघर्ष में घायल तृणमूल कर्मी की मौत

murder

इलाके में फिर फैला तनाव, तृणमूल कर्मियों के घरों में की गयी तोड़फाेड़
पुलिस ने 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया
आमडांगा : आमडांगा में चुनाव के दिन से लेकर अब तक हिंसा की घटनाएं जारी हैं। आये दिन यहां राजनीतिक संघर्ष की घटनाओं को लेकर माहौल अशांत हो जाता है। इस ​बीच गत सोमवार को संघर्ष में घायल हुए तृणमूल कर्मी इशादुल हक (35) की मौत हो गयी जिसको केंद्र कर एक बार फिर यहां माहौल गरमा गया। चुनाव के दिन ही मतदान के बाद आमडांगा के खंड सर्करा ग्राम में तृणमूल व आईएसएफ समर्थक व कर्मियों के बीच संघर्ष की घटना घटी थी जिसमें इशादुल का सिर फोड़ दिया गया था और उस पर धारदार हथियार से भी प्रहार किया गया था जिसको लेकर गत 4 दिनों से कोलकाता के आर.जी. कर अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रहे इशादुल ने रविवार की देर रात दम तोड़ दिया। उसकी मौत के लिए तृणमूल कर्मियों ने आईएसएफ कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवायी है। तृणमूल कर्मी की मौत के बाद से ही इस इलाके में पुनः माहौल गरमा गया। आरोप है कि इसको केंद्र कर पुनः दोनों पक्षों में संघर्ष छिड़ गया। आरोप है कि देर रात आईएसएफ कर्मियों व समर्थकों के घरों में तोड़फोड़ की गयी व उन्हें पीटा गया। इसके साथ ही इलाके में बमबारी की गयी जिससे उपजे तनाव को देखते हुए आमडांगा थाने की पुलिस ने रैफ उतारकर परिस्थिति पर काबू पाया। घटना को लेकर इलाके में उपजी परिस्थिति को देखते हुए वहां पिकेटिंग की व्यवस्था की गयी है। इलाके के तृणमूल नेता ज्योतिर्मय दत्त ने कहा​ कि पूरी योजना बनाकर इशादुल के सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या की गयी है और हम अविलंब अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं। इस मामले में पुलिस ने मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, अन्य अभियुक्तों की भी तलाश जारी है। पुलिस का यह भी कहना है कि इस घटना की जांच-पड़ताल की जा रही है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

फूलबागान में महिला को लगाया नकली वैक्सीन

कोलकाता : कोरोना काल में लोगों की मजबूरी का फायदा जालसाज जमकर उठा रहे हैं। महानगर में नकली रेमडेसिविर ‌इंजेक्शन की कालाबाजारी के बाद अब आगे पढ़ें »

शनि मंदिर के सामने हनुमानजी का हुआ आगमन, लगी लोगों की भीड़

पुराना मालदह : पुराने मालदह नगरपालिका के मंगलबाड़ी चौरंगी मोड़ पर स्थित शनि मंदिर के सामने अचानक हनुमानजी का उदय हुआ और इसके साथ ही आगे पढ़ें »

ऊपर