संदेशखाली द्वीप में नदी का पानी उफन कर लोगों के घरों में प्रवेश किया

हजारों लोग राहत श‌िविरों में रहने को मजबूर
प्रशासन पर लगा उदासीनता का आरोप
संदेशखाली : संदेशखाली नदी द्वीप में चक्रवाती तूफान ‘यास’ के भारी तबाही मचाने के कई दिन बीतने के बावजूद नदी बांधों की मरम्मत का कार्य प्रशासन की ओर से अभी तक नहीं किया गया। इसके कारण द्वीप के कई ग्रामों में नदी का पानी फिर उफन कर घरों में प्रवेश कर गया, जिससे हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आलम ऐसा है कि लोगों को सड़कों व सरकारी राहत श‌िविरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार संदेशखाली ब्लॉक 1 पूरी तरह से नदी द्वीप है। चारों तरफ से नदी से घिरा हुआ है। इस द्वीप से रायमंगल नदी बहती हुई सीधे बंगाल की खाड़ी में मिलती है। पूरे उत्तर 24 परगना जिले में सबसे ज्यादा क्षति संदेशखाली ब्लॉक 1 नदी द्वीप के मणीपुर गांव में हुई है। यास तूफान के बाद तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी इलाके का दौरा कर प्रभावित लोगों को हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दे चुके है। रायमंगल नदी में ज्वार के समय नदी का पानी लोगों के घर में उफन कर प्रवेश करता है। इस तरह से द्वीप के अधिकांश कच्चे घर नदी के पानी में समा गय। इस इलाके में फसलों की बर्बादी भी बहुत अधिक मात्रा में हुई है। भेरी की मछलियां समुद्र के खारे पानी से प्रभावित होकर मर गईं । इलाके में सिर्फ नारियल और ताल के पेड़ दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके मे रिंग नदी बांध की जरूरत है।
प्रशासन की मदद से लोगों को राहत श‌िविरों में पहुंचाया गया :
स्थानीय प्रशासन की मदद से करीब हजारों लोगों को राहत श‌िविरों में पहुंचाया गया। लोगों को प्रशासन की ओर से सारी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं। इसके अलावा कई एनजीओ की ओर से राहत सामग्री वितरित की जारी है।

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