बारिश ने अगर बनाया रिकॉर्ड तो केएमसी ने भी तोड़ा रिकॉर्ड

डीसिल्टिंग ने दिलाया जलजमाव की समस्या से निदान
नई तकनीक व मॉनिटरिंग को लेकर केएमसी अलर्ट
सिंकी सिंह
कोलकाता : बारिश ने पिछले 13 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है और पूरे महानगर को जलमग्न कर दिया। दूसरी ओर इतनी झमाझम बारिश लोगों ने भी एक दशक से नहीं देखी थी। इसके बावजूद महानगर में जमा हुआ पानी कुछ घंटों में ही निकल गया। यह भी कोलकाता नगर निगम के लिये एक रिकॉर्ड साबित हुआ। पहले जहां महानगर की सड़कों पर कई दिनों तक पानी जमा रहता था वहीं इस बार का नजारा कुछ अलग ही दिखा। महानगर की सड़कों पर जलजमाव नहीं था जो कि महानगर के लोगों के लिये नया परिवर्तन जैसा है। यह कमाल कोलकाता नगर निगम के निकासी विभाग व प्रशासक दल के सदस्य तारक सिंह की मेहनत व नई तकनीक की मशीनों के इस्तेमाल से हुआ है। सन्मार्ग की टीम ने प्रशासक दल के सदस्य तारक सिंह से बात करके जाना कि आखिरकार किन तैयारियों की वजह से महानगर में जलजमाव की समस्या नहीं हुई।
डीसिल्टिंग ने दिलाया जलजमाव की समस्या से निदान
प्रशासक दल के सदस्य तारक सिंह ने बताया कि पहले महानगर में जिस तरह से जलजमाव की समस्या होती थी उसकी तुलना में अब महानगर में जलजमाव नहीं हो रहा है। इसका कारण यह है कि कोलकाता नगर निगम की टीम की ओर से युद्धस्तर पर पूरे वर्ष ही काम किया जा रहा है। जलजमाव की समस्या ना होने का कारण यह है कि कोलकाता नगर निगम ने पिछले 5 वर्षों में 8 लाख 43 हजार मैट्रिक टन सिल्ट निकाला है, जो कि 2010 से 2015 तक लगभग 1 लाख 63 हजार सिल्ट ही निकाला गया था। लेकिन पिछले कुछ दिनों में सिल्ट निकालने का कार्य जारी है ऐसे में अब पानी को निकलने में दिक्कत नहीं आ रही है।
पम्पिंग स्टेशन की रखरखाव पर विशेष ध्यान
जलजमाव की समस्या से निपटने के लिये पम्पिंग स्टेशनों की रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले जहां 76 पम्पिंग स्टेशन में 100 पम्प खराब ही रहते थे वहां पर अब सारे पम्पिंग स्टेशन सुचारू रूप से चल रहे हैं। ऐसे में जब बारिश की संभावना होती है तो कोलकाता नगर निगम की निकासी विभाग की टीम की ओर से जगह-जगह पोर्टेबल पंप लगाया जाता है ताकि पानी असानी से निकल सके।
लॉकगेट बंद होने से कुछ घंटों के लिये होता है जलजमाव
जब गंगा में बाढ़ आती है उस दौरान लॉक गेट को बंद कर रखा जाता है तो कुछ घंटों के लिये जलजमाव होता है और जैसे ही लॉकगेट खोल दिया जाता है वैसी ही पानी निकल जाता है। लॉकगेट को बंद करने का कारण यही है कि अगर लॉकगेट बंद ना रखा जाये तो गंगा का पानी शहर में प्रवेश कर सकता है।
नई तकनीक व मॉनिटरिंग को लेकर केएमसी अलर्ट
तारक सिंह ने बताया कि निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये कई तकनीक की मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही केएमसी के निकासी विभाग की टीम इलाकों का दौरा करती है। कहीं भी किसी प्रकार की समस्या होने पर उसका तुरंत निदान किया जाता है। महानगर को जलजमाल की समस्या से मुक्ति दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता है।एक नजर
पम्पिंग स्टेशन : 76
पम्प : 406
पोर्टेबल पम्प : 450

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

शोभन के बैसाखी को सिंदूर लगाने पर रत्ना ने दिया बड़ा बयान

कोलकाता : शोभन चटर्जी ने बैसाखी बनर्जी के माथे में सिंदूर लगाया, उधर शोभन की पत्नी रत्ना चटर्जी ने कहा कि हिंदू विवाह कानून के आगे पढ़ें »

ऊपर