नारायण चले गये तो क्या घर की लक्ष्मी मैं ही हूं : रत्ना

शोभन-बैसाखी पर किया कटाक्ष
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : लक्खी पूजा के मौके पर रत्ना चटर्जी ने पति शोभन और बैसाखी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि घर से नारायण भले चले जाएं लक्ष्मी तो मैं ही रहूंगी। मालूम हो कि दशमी के दिन शोभन ने बैसाखी को सिंदूर लगाया था, उसके बाद से ही रत्ना के साथ वाक् युद्ध जारी है। रत्ना पहले भी कह चुकी है कि मैं ही शोभन की पत्नी हूं जिसका अधिकार हिंदू कानून ने मुझे दिया है। रत्ना के कहा कि इस घर में आने के बाद से अब तक 21 सालों से मैं ही लक्ष्मी पूजा करती आ रही हूं। शोभन ने मुझे घर की लक्ष्मी मानकर ही यहां लाया था। आगे रत्ना ने कहा कि मैं घर में ही रह गयी और शोभन चले गये। मैं भगवान से मनाऊंगी कि जब तक जिंदा हूं इसी घर में लक्ष्मी पूजा करती रहूं।

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