इतना बोलने पर हो सकती है मेरी हत्या : ममता

बोली जब तक भाजपा के लिए काम करना बंद नहीं करती सीआरपीएफ तब तक बोलती रहूंगी
आयोग के प्रति कड़ा रुख बरकरार
मतदान के दिन पीएम की रैली क्यों ? ममता ने किया आयोग से सवाल
सन्मार्ग संवाददाता
मेमारी/जमालपुर : चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि वह जिस तरह बेबाकी से अपनी बाते रख रही है उसमें शक नहीं कि उनकी हत्या भी हो सकती है। साथ ही ममता ने कहा कि उन्हें मरने से डर नहीं लगता, वह बोलने से खुद को नहीं रोक सकती। जब तक जिंदा रहेंगी शेरकी की तरह अपनी बात रखेंगी। उनका सिर किसी भी हाल में किसी के सामने झुकने वाला नहीं है। दूसरी तरफ चुनाव का महासंग्राम बंगाल की सत्ता के लिए चल रहा है, जिसमें राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साधने में लगी है। सवाल दाग रही है, बयानबाजियों में क्या चूक हो रही है इससे वाकिफ करा रही है। कुला मिलाकर चुनाव आयोग की भूमिका कितनी सटीक है इस बात की जानकारी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से ये नेता ही बता रहे है। इसी कड़ी में ममता बनर्जी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से सवाल किया कि आखिर पीएम मोदी मतदान के दिन बंगाल में चुनावी सभा क्यों कर रही है। यह एक तरीके से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और जिसके खिलाफ आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि ममता बनर्जी खुद इस दिन सभा कर चुनाव प्रचार करती है लेकिन इसकी सफाई में ममता ने कहा कि पीएम मोदी सभा करते है जिसके कारण मैं भी सभा करती हूं। वह नहीं करेंगे तो मैं भी नहीं करूंगी।
आयोग के खिलाफ अभी भी कड़ा रुख
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को सीआरपीएफ को केंद्रीय बलों द्वारा मतदाताओं को धमकाने के बारे में बयान देने के लिए चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद भी ममता बनर्जी ने कहा ‘मैं सीआरपीएफ के हस्तक्षेप के बारे में तब तक बोलती रहूंगी, जब तक कि वह भाजपा के लिए काम करना बंद नहीं करता है। ऐसा करते ही बल को सैल्यूट करूंगी। मैं आपके (चुनाव आयोग) कारण बताओ नोटिस की परवाह नहीं करती।’ ममता ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह ‘तृणमूल की नहीं सुन रहा है और भाजपा जो कहती है उसका अनुसरण करता है।’ उधर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में ‘परीक्षा पे चर्चा’ क्यों करते हैं, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं? क्या यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है?’ मोदी जी शाह को समझाइएं
ममता ने अमित शाह को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि वह पुलिस पर अनैतिक कार्यों में लिप्त होने का दबाव बना रहे है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी निशाने पर लिया तथा कहा कि आपको अमित शाह को काबू में रखना चाहिये, वह यहां दंगे भड़का सकते हैं। ममता ने कहा कि भाजपा दावा कर रही है कि वह बंगाल जीत रही है। अगर ऐसा है तो तृणमूल कर्मियों पर हमले क्यों किये जा रहे है। दरअसल वह उनकी हार का डर है क्योंकि भाजपा नहीं जीत रही बल्कि तृणमूल की जीत पक्की है।

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