हावड़ाः ‘मां होना चाहती थी स्वावलंबी, पर पिता को नहीं था पसंद’

  • पुलिस ने बेटी के बयान को किया रिकार्ड, छोटी-छोटी बातों पर होता था विवाद
  • चटर्जीहाट में दम्पति के शव बरामद मामले में सिर्फ सोशल मीडिया नहीं थी मौत की वजह

हावड़ा : हावड़ा के चटर्जीहाट थानांतर्गत इलाके में दम्पति का शव बरामद होने से सनसनी फैली हुई है। शव बरामद मामले में धीरे-धीरे खुलासे हो रहे हैं। एक ओर जब रविवार को गौतम व मौसमी माइति का शव उनके घर से बरामद किया गया था तब उनकी बेटी ने कहा कि यह विवाद फेसबुक के कारण हुआ था। हालांकि सोमवार को पुलिस का कहना है कि यह विवाद केवल सोशल मीडिया का ही नहीं बल्कि पत्नी व पति के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता था। कहा जाता है कि सौसमी माइति स्वावलंबी होना चाहती थी परंतु गौतम माइति यह नहीं चाहता था। वहीं मौत कैसे हुई यह मामला तब सामने आयेगा जब तक कि पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट नहीं आ जाती है।
छोटी बात पर भी होता था विवाद : इस बारे में चटर्जीहाट थाने की पुलिस के मुताबिक दम्पति की मौत का कारण आखिर क्या था। यह जानने के​ लिए उनकी बेटियों, परिवार व पड़ोसियों से पूछताछ की गयी तो यह बात सामने आयी कि उनकी मौत की वजह केवल सोशल मीडिया नहीं थी, बल्कि ये लोग हर छोटी सी बात पर विवाद करते थे। वहीं उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि मौसमी खुद स्कूटी चलाकर गैंगटॉक जाना चाती थी। वहीं उसकी बेटी के अनुसार उनके पिता देरी से घर लौटते थे घर में समय नहीं देते थे। साथ ही मां स्वावलंबी होना चाहती थी परंतु पिता ये नहीं चाहते थे। इसके अलावा भी विवाद थे जिस प्रकार सब्जी अच्छी नहीं बनी है, यह सामान अच्छा नहीं है, तुम कहां जा रहे हो या फिर तुम कहां से आ रही हो। इन सारी बातों को लेकर अक्सर उनमें विवाद होता ही रहता था, परंतु बीच में सोशल मीडिया के कारण यह विवाद और बढ़ता चला गया।
खुद को अच्छा दिखाने के लिए छिपा रहे थे विवाद : गौतम एक बार में मैनेजर के पोस्ट पर था। वहीं उसकी पत्नी मौसमी हाउस वाइफ थी। पुलिस द्वारा जब बेटी का बयान लिया गया तो उसके अनुसार मां बाप के बीच अक्सर विवाद होता था लेकिन ये लोग कभी किसी के सामने विवाद नहीं करते थे। इसलिए बाहर से सभी चीजें ठीक लगती थीं। यही बात पड़ोसियों का भी कहना है कि वे लोग चटर्जीहाट के 12/2 नंदलाल मुखर्जी रोड स्थित बहुमंजिली इमारत में 3 साल पहले आये थे। सभी चीजें सामने से देखने में सामान्य थीं। कभी भी कोई झगड़े की आवाज भी नहीं आती थी।वहीं बेटियाें का कहना है कि अभिभावक ने हमारे बारे में नहीं सोचा और इस तरह की घटना को अंजाम दे दिया।

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