हावड़ा-दिल्ली रूट का सफर होगा और भी फास्ट

हावड़ा : हावड़ा-दिल्ली रूट का सफर और फास्ट और सेफ होनेवाला है। राजधानी और शताब्दी की स्पीड बढ़ेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मॉडर्न सिग्नल सिस्टम बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड के मुताबिक 2022 तक दिल्ली-हावड़ा रूट पूरी तरह से हाई स्पीड ट्रेनों के लिए तैयार होगा। इसके लिए रेलवे अपने पूरे सिग्नल नेटवर्क को कम्प्यूटराइज्ड कर रहा है। इसी क्रम में राजधानी व शताब्दी ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की तैयारी शुरू भी की जा चुकी है। अब राजधानी व शताब्दी ट्रेनें 160 कि.मी की रफ्तार से दाैड़ेगी। इससे मात्र 12 घंटे में हावड़ा से दिल्ली पहुंचना संभव हो पायेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 640 किमी रेल मार्ग पर सिग्नल सिस्टम को मॉडर्न बनाने का काम शुरू हो गया है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें सफलता हासिल होने पर आने वाले समय में फुल सिग्नल नेटवर्क कम्प्यूटराइज्ड हो जाएगा।

5 घंटे कम लगेंगे हावड़ा से दिल्ली पहुंचने में

वर्तमान में राजधानी ट्रेन के माध्यम से अगर हावड़ा से दिल्ली जाते हैं तो 17 घंटे का समय लगता है। इस पायल्ट प्रोजेक्टर पर अगर काम हो जायेगा तो हावड़ा से दिल्ली पहुंचने में मात्र 12 घंटे का समय लगेगा। अर्थात 5 घंटे पहले ही गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा। यानी अगर कोई व्यक्ति अगर सुबह 6 बजे हावड़ा से ट्रेन में बैठेंगे तो वह शाम 6 बजे तक दिल्ली पहुंच जायेगा।

हावड़ा से बर्दवान तक बदला जा रहा है ओवरहेड तार

हावड़ा-दिल्ली की रूट को और फास्ट करने के लिए हावड़ा डिविजन में ओवरहेड तार बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। यह तार हावड़ा से लेकर बर्दवान तक बदला जा रहा है। ताकि ट्रेन की गति को तेज किया जा सके। इसके साथ ही ट्रेक में दीवारें खड़ी की जायेगी ताकि बिना किसी व्यवधान के ट्रेन अपनी रफ्तार में दौड़े। इसके अलावा अनइंट्रप्टेड पावर सप्लाई की जायेगी। रेलवे के मुताबिक पहली बार कई आधुनिक तकनीकों का एक साथ प्रयोग कर सिग्नल सिस्टम को आधुनिक सिस्टम से लैस किया जा रहा है।

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