हाई कोर्ट ने डीजीपी को तलब किया व्यक्तिगत रूप से

चिटफंड कंपनियों के मालिकों को पेश नहीं किया कोर्ट में
कोलकाता : हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज के डिविजन बेंच ने राज्य के एक्टिंग डीजीपी मनोज मालविया को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। डिविजन बेंच ने दो चिटफंड कंपनियों के निदेशकों को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था पर इस पर अमल नहीं हो पाया। इसके बाद ही डिविजन बेंच ने एक्टिंग डीजीपी को 21 सितंबर को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया।
एडवोकेट अरिंदम दास ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने डिविजन बेंच से इस आदेश में संशोधन करने की अपील की पर डिविजन बेंच ने इसे मानने से इनकार कर दिया। डिविजन बेंच ने आदेश दिया था कि रियल सर्विस केमटेक लि. और सनप्लांट एग्रो लि. के निदेशकों को कोर्ट में वृहस्पतिवार को हाजिर किया जाए। मामले की सुनवायी के दौरान न तो ये निदेशक हाजिर थे और न ही सरकार की तरफ से पैरवी करने वाला कोई एडवोकेट ही उपस्थित था। ‌इससे नाराज हो कर एक्टिंग चीफ जस्टिस ने यह आदेश दिया। एडवोकेट दास ने कहा कि डीजीपी को बताना पड़ेगा कि चिटफंड कंपनियों के फरार निदेशकों के खिलाफ पुलिस की तरफ से क्या कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही सामग्रिक तौर पर ‌निवेशकों की रकम लूटने वाले चिटफंड कंपनियों के खिलाफ पुलिस ने क्या कार्रवाई की है। इन चिटफंड कंपनियों के खिलाफ वर्षो से कोर्ट में मामला चल रहा है और किसी भी तारीख पर न तो इनके निदेशक आते हैं और न ही इनकी तरफ से कोई एडवोकेट होता है। इस हालात को देखते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस ने चिटफंड कंपनियों से जुड़े मामलों को अपने कोर्ट में स्थानांतरित कर लिया है। पहली बार 26 जुलाई को एक्टिंग चीफ जस्टिस के डिविजन बेंच ने इन कंपनियों के निदेशकों को कोर्ट में हाजिर करने का आदेश पुलिस को दिया था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

पैसों की तंगी से बचने के लिए करें आटे के ये उपाय, होगी मां लक्ष्मी की कृपा

कोलकाता : पैसे-रुपये और तरक्की भला किसे पसंद नहीं होती, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिनके हाथ में पैसे टिकते ही नहीं। पैसे आगे पढ़ें »

ऊपर