फायर ब्रिगेड में नियुक्तियों पर हाई कोर्ट का स्टे

कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस शंपापाल दत्त के डिविजन बेंच ने फायर ब्रिगेड विभाग में 15 सौ नियुक्तियों पर अगले मंगलवार तक के लिए स्टे लगा दिया है। डिविजन बेंच ने सोमवार को दिए गए अपने आदेश में कहा है कि इस दौरान नियुक्ति प्रक्रिया के सिलसिले में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। इन नियुक्तियों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में रिट दायर की गई है।
एडवोकेट दिब्येंदु चटर्जी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लोक सेवा आयोग ने 2018 में इन नियुक्तियों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसके बाद लिखित परीक्षा हुई थी और फिर साक्षात्कार लेने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसी दौरान वाशुदेव घोष सहित कई ने इन नियुक्तियों में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में रिट दायर कर दी। उनके पक्ष में बहस करते हुए एडवोकेट सुवीर सान्याल ने कहा कि इन नियुक्तियों में कई स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। अपने पसंदीदा लोगों को नौकरी देने के लिए उनके नाम सामान्य वर्ग से हटा कर आरक्षित वर्ग में डाल दिए गए हैं। इसके अलावा लिखित परीक्षा में कई सवाल गलत पूछे गए थे। सिर्फ इतना ही नहीं अपने पसंदीदा लोगों को नौकरी देने के लिए यह तय किया गया कि लिखित परीक्षा में मिले नंबर और साक्षात्कार में मिले नंबरों को जोड़ कर मेरिट लिस्ट बनाया जाएगा। जस्टिस टंडन ने भी सुनवायी के दौरान इस फार्मूले पर अपनी हैरानी जतायी। रिट पिटिशन में कहा गया है कि अपने पसंदीदा लोगों को नौकरी देने के लिए साक्षात्कार में अधिक नंबर दे कर उन्हें मेरिट लिस्ट में ऊपर ला दिया गया है। इन सारे मुद्दों को हल किए बगैर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

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