मुकुल को समय देने से हाई कोर्ट का एतराज, सुनवायी 10 को

बीमारी का हवाला देते हुए की थी सुनवायी टाली जाने की अपील
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक व तृणमूल कांग्रेस में शामिल मुकुल राय को पीएसी का चेयरमैन बनाये जाने के विरोध में दायर पीआईएल की सुनवायी को टालने से इनकार कर दिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज के डिविजन बेंच ने बुधवार को कहा कि सुनवायी टाले जाने का कोई औचित्य नहीं है। डिविजन बेंच ने इस पीआईएल की सुनवायी दस सितंबर को की जाने का आदेश दिया।
मुकुल राय की तरफ से पैरवी करते हुए उनके एडवोकेट ने कहा कि मुकुल राय अस्वस्थ हैं इसलिए इस पीआईएल की सुनवायी कई सप्ताह के लिए टाल दी जाए। पीआईएल दायर करने वाले भाजपा विधायक अम्बिका राय के एडवोकेट बिल्लादल भट्टाचार्या ने इसका तीखा विरोध करते हुए कहा कि वे टीवी चैनलों पर बाइट देने के साथ साथ राजनीतिक कार्यों से दौरा भी कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके बीमार होने के दावा करने का क्या औचित्य है। जस्टिस बिंदल ने भी कहा कि ऐसा तो नहीं है। इसके साथ ही कहा कि जब इसकी सुनवायी समाप्त हो चुकी है तो फिर एडजर्नमेंट क्यों मांगा जा रहा है। इस बाबत एजी किशोर दत्त से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सुनवायी होने से कोई एतराज नहीं है। इसके बाद ही डिविजन बेंच ने सुनवायी के लिए दस सितंबर की तारीख तय कर दी। पिटिशनर ने इस पीआईएल के मार्फत दावा किया है कि परंपरागत तरीके से पीएसी का चेयरमैन विपक्ष के विधायक को बनाया जाता है। इस लिए मुकुल राय को इस पद से हटाया जाए। वे भाजपा टिकट पर चुने जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

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