ईडी के अफसरों को नोटिस पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवायी 21 को

अभिषेक बनर्जी ने दायर की है उनके खिलाफ एफआईआर
सन्मार्ग संवाददाता
नयी दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से ईडी के अफसरों को दी गई नोटिस पर दिल्ली हाई कोर्ट 21 सितंबर को सुनवायी करेगी। सांसद अभिषेक बनर्जी की तरफ से दर्ज करायी गई एफआईआर के मद्देनजर पुलिस ने यह नोटिस जारी की है। कोयला तस्करी के मामले में ईडी के अफसर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच कर रहे हैं।
ईडी की तरफ से पैरवी करते हुए एडिशनल सालिसिटर जनरल एस वी राजू ने दिल्ली हाई कोर्ट के ज‌स्टिस योगेश खन्ना के समक्ष पैरवी करते हुए कहा कि ये नोटिस गैरकानूनी हैं और गलत इरादे से दिए गए है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रही जांच का काउंटर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने नोटिस खारिज करने की अपील करते हुए कहा कि इसमें कानून का बेजा इस्तेमाल किया गया है और कोयला तस्करी जांच को भटकाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि ये नोटिस कानून की तराजू पर एक मिनट के लिए भी नहीं टिक पाएंगे। पश्चिम बंगाल की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट सिद्धार्थ लुथरा ने एडिशनल सालिसिटर जनरल को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोई समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही यह भी कहा कि कानून के नजरिये से ईडी गलत है। ईडी के अफसरों की तरफ से दायर पिटिशन में कहा गया है कि पीएमएल एक्ट के तहत कोयला तस्करी की जांच कर रहे ईडी अफसरों पर दबाव बनाने के ‌लिए अभिषेक बनर्जी की तरफ से यह एफआईआर दर्ज करायी गई है। यह भी कहा गया कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करायी गई हैं। कालीघाट थाने की तरफ से दोनों नोटस दी गई हैं। ईडी के‌ दिल्ली मुख्यालय के अफसर कोयला तस्करी और इस मामले में अभिषेक बनर्जी की भूमिका की जांच कर रहे हैं। ‌इसमें कहा गया है कि अभिषेक बनर्जी के इशारे पर पश्चिम बंगाल पुलिस काम कर रही है। नोटिस देने का मकसद ईडी के अफसरों को परेशान करना है।

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