बच्चों के इलाज पर नई एसओपी जारी की स्वास्थ्य विभाग ने

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः स्वास्थ्य भवन ने राज्य में बच्चों में बुखार और सांस लेने में तकलीफ के लक्षणों पर दिशा-निर्देश की घोषणा की है। विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर तैयार किए गए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रभावित बच्चे को अवलोकन, घरेलू उपचार और खतरे की भविष्यवाणी कैसे करें, के आधार पर अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। राज्य में सांस की तकलीफ और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। कोविड काल के दौरान बच्चों में इस बुखार को लेकर राज्य का स्वास्थ्य विभाग चिंतित व सतर्क है। भले ही इसे थर्ड वेव की आहट नहीं कहा जा रहा है, हालांकि अज्ञाक ज्वर ने भी चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य भवन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने कहा कि उसी समिति के सदस्यों ने वायरस के कारण होने वाले बुखार के कारण का पता लगाने के लिए इसकी उपचार पद्धति के लिए दिशा-निर्देश तैयार किया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एसओपी में अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज के लिए दिशा-निर्देश भी शामिल हैं। किस परिस्थिति में ऑक्सीजन या वेंटिलेटर का उपयोग कैसे करें, इस पर भी निर्देश अस्पतालों को दिया गया है।
किन परिस्थितियों में डॉक्टरी परामर्श लें
-श्वास कष्ट होने पर
-लगातार तीन दिन ज्वर होने पर
-खानपान अचानक 50% तक कम करने पर
-शरीर की ऑक्सीजन की मात्रा 90 से नीचे आने पर

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