गुलाब : 24 घंटे तत्पर रहेगी केएमसी की टीम

चक्रवाती तूफान से निपटने को निगम में खुला कंट्रोल रूम
अधिक बारिश के कारण महानगर में जलजमाव की समस्या
खतरनाक इमारतों में रहनेवाले लोगों के लिए शिविर की व्यवस्था
कोलकाता : चक्रवाती तूफान को लेकर कोलकाता नगर निगम की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक तरफ जहां केएमसी की पूरी टीम को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है वहीं कोलकाता नगर निगम का कंट्रोल रूम भी 24 घंटे खुला रहेगा। निगम की निकासी व्यवस्था पर डीजी और आयुक्त विनोद कुमार कंट्रोल रूम से नजर रखेंगे। कोलकाता नगर निगम के कंट्रोल रूम का नंबर 2286-1212/1313/1414 आम लोगों के लिये खुला रहेगा। अगर कहीं भी किसी प्रकार की समस्या हुई तो केएमसी की टीम उन इलाकों में पहुंच जाएगी। कोलकाता नगर निगम के प्रशासक फिरहाद हकीम का कहना है कि गुलाब साइक्लोन को लेकर हमलोग अलर्ट मोड पर हैं।
24 घंटे तत्पर रहेगी केएमसी की टीम
प्रशासक फिरहाद हकीम ने कहा कि साइक्लोन को लेकर कोलकाता नगर निगम की टीम 24 घंटे कार्य करेगी। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था की जा रही है ताकि बारिश होने के दौरान पानी जमा ना हाे। सभी पम्पिंग स्टेशन को चालू रखा जाएगा इसके साथ ही जगह जगह पर पोर्टेबल पम्प भी लगाये जाएंगे ताकि पानी तुरंत निकल सके। ड्रेनेज विभाग को निर्देश दिया गया है कि बारिश के दौरान भी निकासी कार्य जारी रहे। गाड़ियों की व्यवस्था रखी गई है ताकि निगम कर्मियों को पहुंचने में कोई दिक्कत ना आये।
अधिक बारिश के कारण महानगर में जलजमाव की समस्या
फिरहाद हकीम ने कहा कि महानगर में जलजमाव का कारण है अधिक बारिश का होना। यह समस्या सिर्फ महानगर की ही नहीं है, अन्य शहरों का भी यही हाल है। अर्बन प्लानिंग पर ध्यान नहीं दिया गया है, इस वजह से भी जलजमाव की समस्या हो रही है। सिंचाई विभाग के साथ भी बैठक की जा रही है ताकि खालों की सफाई जल्द से जल्द किया जा सके। कई जगहों पर बिल्डिंगें तैयार कर दी गयी हैं इस वजह से निकासी व्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। इस पर भी निगम कार्य कर रहा है। पिछले साल सिंचाई विभाग द्वारा खालों की ड्रेजिंग नहीं करायी गयी थी। अब ‘मणि खाल’ सहित अन्य बड़े खाल के तलहटी में जमे गाद को निकालने के लिए राज्य के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी गयी है। सिंचाई विभाग को भी अवगत कराया गया है। वार्ड में 108, 109, 127 व जोका में केईआईआइपी द्वारा ड्रेनेज सिस्टम पर कार्य हो रहा है इस वजह से भी जलजमाव की समस्या हो रही है।
खतरनाक इमारतों में रहनेवाले लोगों के लिए शिविर की व्यवस्था
महानगर की खतरनाक इमारतों में रहने वाले लोगों के लिये शिविर की व्यवस्था की गई है। विभिन्न सरकारी स्कूलों में ऐसे लोगों के ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था की गयी है। गौरतलब है कि महानगर में लगभग 3000 खतरनाक इमारतें हैं, वहीं 100 ऐसी इमारतें हैं जो कभी भी गिर सकती हैं। ऐसे में कोलकाता नगर निगम की ओर लोगों को जागरूक करने के लिये माइकिंग भी की जा रही है।

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