दो गुटों में संघर्ष से रणक्षेत्र बना गंगारामपुर, तृणमूल नेता सहित 2 की मौत

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पूरे इलाके में रैफ, कॉम्बैट फोर्स और पुलिस की तैनाती
दक्षिण दिनाजपुर जिले के तृणमूल चेयरमैन बिप्लव मित्रा के समर्थक माने जाते थे कालीपद सरकार
बालुरघाट : दक्षिण दिनाजपुर के गंगारामपुर में मंगलवार को तृणमूल के दो गुटों में संघर्ष से पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। वहीं संघर्ष में घायल 9 समर्थकों में तृणमूल के एक नेता और एक कार्यकर्ता सहित 2 लोगों की मौत हो गयी। इस घटना के दौरान बमों और गोलियों की आवाजों से पूरा इलाका थर्रा उठा। मृतकों की पहचान स्थानीय तृणमूल नेता कालीपद सरकार (45) और तृणमूल कार्यकर्ता संदीप सरकार (32) के नाम से हुई। कालीपद सरकार बिप्लव मित्रा के समर्थक माने जाते थे। घटना में घायल अन्य तृणमूल समर्थकों को गंगारामपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें मालदह मेडिकल काॅलेज सह अस्पताल में भेज दिया गया। स्थानीय तृणमूल नेताओं ने इसे गुटबाजी की लड़ाई मानने से इनकार करते हुए इसे विरोधी दल भाजपा की साजिश करार दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाका दखल को लेकर तृणमूल के दो गुटों के बीच पिछले काफी अरसे से संघर्ष जारी था। विधानसभा चुनाव और नजदीक आते ही दोनों गुटों के बीच आपसी मतविरोध तेज हो गया। गंगारामपुर के शुकदेवपुर में किसका सिक्का चलेगा इसी बात को लेकर दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गयी। इस दौरान मारपीट, घरों में आगजनी, बमबाजी और गोलियां चलने के बीच ही तृणमूल के एक नेता और कार्यकर्ता की पीट – पीट कर हत्या कर दी गयी। बताया जाता है‌ कि संघर्ष के दौरान तृणमूल नेता कालीपद सरकार की जमकर पिटायी की गयी। वे हृदय के मरीज भी थे और पंचायत समिति के अध्यक्ष थे। इधर, अस्पताल में ले जाते ही तृणमूल कार्यकर्ता संदीप सरकार की मौत हो गयी। इस घटना के बाद तृणमूल के एक कार्यकर्ता सुमन राय के घर में आगजनी की गयी। दक्षिण दिनाजपुर जिला तृणमूल के अध्यक्ष गौतम दास ने बताया कि इलाका दखल को लेकर दो पक्षों में अशांति हुई जिसमें एक नेता सहित दो की मौत हो गयी। उन्होंने कहा‌ कि इसके पीछे विरोधी दल का हाथ हो सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक देवर्षि दत्त ने बताया कि गंगारामपुर में पुलिस और रैफ की तैनाती की गयी है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल नेता कालीपद सरकार की मौत हृदय रोग के कारण हुई है। पूरे इलाके में हालात नियंत्रित होने का दावा भी उन्होंने किया।
प्रत्यक्षदर्शी तृणमूल नेता दुलु राय ने बताया कि उत्तर नारायणपुर तृणमूल पार्टी कार्यालय के समक्ष संजीत और अन्य कई नेता वहां कैरम खेल रहे थे। उसी वक्त तृणमूल नेता कालीपद सरकार वहां आये और पुरानी रंजिश के कारण वे संजीत से उलझ पड़े। इसी दौरान वहां संघर्ष हो गया और अचानक कालीपद सरकार ने संजीत को लक्ष्य कर गोली चला दी ‌जो उसके सिर में लगी और वे वहीं गिर पड़े। वहीं कालीपद को गोली चलाते देखने के बाद स्थानीय कई नागरिक और संजीत के समर्थक उन्हें पकड़ने उनके पीछे भागे और हड़बड़ी में बेतहाशा वहां भागते वक्त हृदयाघात से उनकी मौत हो गयी।

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