कांग्रेस की विफलता के बाद बाध्य हुआ तृणमूल में जाने के लिए : संगमा

  • अपने 12 विधायकों को लेकर तृणमूल में आये मेघालय के पूर्व सीएम
  • कांग्रेस के लिए बड़ा सेटबैट, तृणमूल को मिली सजी-सजायी जमीन

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता/मेघालय : ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने मेघालय में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। बुधवार की देर रात तृणमूल ने मेघालय में कांग्रेस पार्टी में ऐसा सर्जिकल स्ट्राइक किया कि एक ही बार में पूरी की पूरी कांग्रेस घुटने पर आ गयी। वहां के पूर्व सीएम मुकुल संगमा अपने 12 विधायकों को लेकर तृणमूल में आ गये जिसके बाद तृणमूल दावा कर रही है कि अब 60 सीटों वाली मेघालय विधासभा में वह मुख्य विपक्षी पार्टी है। इधर गुरुवार को संगमा ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए तृणमूल में आधिकारिक रूप से जुड़ने की घोषणा कर दी। संगमा ने कहा कि यहां विपक्ष की भूमिका निभाने में कांग्रेस पूरी तरह विफल रही है। पार्टी के साथ कई तरह की परेशानियां थीं जिसके बारे में दिल्ली में हाई कमान को भी बताया गया था मगर वहां से किसी तरह का सकारात्मक जवाब नहीं आया। आखिर में कांग्रेस की विफलता के बाद बाध्य होकर मुझे तृणमूल में जाना पड़ा। मेरा यह फैसला जनता, राज्य और देश के अच्छे भविष्य के लिए है क्योंकि कांग्रेस वह नहीं कर पा रही है जो उसे विपक्ष के तौर पर करने की आवश्यकता है।
17 में 12 विधायक हुए तृणमूल के
मेघालय में कांग्रेस के कुल 17 विधायक थे जिनमें से 12 विधायक अब तृणमूल के हो गये। जानकारों की माने तो दो तिहाई से अधिक विधायक अगर पार्टी बदलते हैं तो उन पर दल बदलने का कानून लागू नहीं होता है।
2 सीट जीतकर भाजपा ने सरकार बनाने में की भागीदारी
मेघालय में कुल 60 सीटें हैं। 2018 के चुनाव में यहां कांग्रेस ने 21 सीटों पर जीत हासिल की थी। एनपीपी यानी नेशनल पीपल्स पार्टी ने 20 सीट जीती जबकि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी को 6 सीट और निर्दलीय उम्मीदवार 3 थे। हैरत की बात है कि यहां भाजपा सिर्फ 2 सीट ​जीत पायी थी लेकिन एनपीपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनी, जिसमें भाजपा शामिल है।
जनता, राज्य और देश के लिए यह फैसला लिया
मेघालय की राजनीति में रातोंरात जो बदलाव हुआ है वह पूर्वोत्तर राज्य में कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी में शामिल होने का फैसला ‘‘पूरे विश्लेषण के बाद किया गया है कि कैसे बेहतर तरीके से लोगों की सेवा की जा सकती है।’’ उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जनता, राज्य और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए पूरी विनम्रता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ यह फैसला लिया गया।’’

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