राज्य में फिलहाल नहीं बढ़ेगा बसों का किराया

फिरहाद ने बसें उतारने की अपील की, मालिकों ने कहा – पहले बढ़ाएं किराया
नवान्न में भी उच्च स्तरीय बैठक में हुआ स्पष्ट कि…
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः राज्य के परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम ने सोमवार को एक बार ‌फिर से बस मालिकों को बसों को उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमने बस मालिकों से पहले बसों को उतारने की अपील की है। इसके बाद ही आगे चर्चा हो सकेगी। इसके लिए उन्होंने विधायक व परिवहन विभाग में निदेशक स्वर्ण कमल साहा को भी बस मालिकों के साथ बैठक कर बसें उतारने के लिए पहल करने के लिए कहा है। मंत्री ने एक बैठक भी परिवहन अधिकारियों के साथ मैदान टेंट में की। मंत्री ने कहा कि यात्रियों को हो रही परेशानी के तहत पहले जरूरत है कि बस मालिक बसों को उतारें। हालांकि इस अपील के बाद भी बस संगठनों ने साफ किया है कि बसें फिलहाल नहीं उतारेंगे। देखा जा रहा है कि निजी बसें अब भी सड़कों पर नहीं उतर रही हैं। हालांकि राज्य सरकार की ओर से सभी को 50% यात्रियों के साथ बसों को चलाने की अपील की जा चुकी है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस है। हाल के दिनों में बढ़ी डीजल की कीमतों से बस मालिक किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अब भी किराये में वृद्धि की मांग पर ही बस संगठन अड़े हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को 5 बस संगठनों ने एक बैठक की। इसके बाद भी बसें उतारने पर स्थिति साफ नहीं हो सकी। ऑल बंगाल बस-मिनी बस समन्वय कमेटी के महासचिव, राहुल चटर्जी ने कहा कि बस संगठनों ने एक बैठक की थी। इसके बाद हमने तय किया है कि जब तक बस किराये में सरकार वृद्धि नहीं करती, बसें नहीं उतारेंगे। वहीं सूत्रों की मानें तो नवान्न में भी उच्च स्तरीय बैठक हुई। यह बैठक मुख्य सचिव के नेतृत्व में की गई। इसमें परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारी मौजूद थे। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में भी साफ किया गया है कि बसों का किराया फिलहाल नहीं बढ़ेगा।
बस मालिक संघ का कहना है कि हम हड़ताल पर नहीं गए हैं, लेकिन कई परिवारों की आजीविका का सवाल है। राहुल चटर्जी ने बताया कि 2020 में लॉकडाउन के बाद आरटीओ कार्यालय से किराया बढ़ाने की बात कही जा रही थी। इसके अलावा, उस समय पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बहुत कम थीं, लेकिन मौजूदा हालात में बस मालिक परेशान हैं कि पेट्रोल व डीजल की कीमत 100 के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा, ”हम चाहते हैं कि बस के पहिए सड़क पर उतरें। हमने ऐसा किसी से नहीं कहा है कि बस न उतारें। यदि कोई बस मालिक अधिक किराया लेकर बस चला पा रहा है, तो चला सकता है। बस यात्री भी कुछ बसों के उतरने पर अतिरिक्त किराया देकर यात्रा कर रहे हैं, ऐसा हमने देखा है। हालांकि सरकार को हमारी समस्याओं की ओर ध्यान देना होगा। अगर ‌किराया नहीं बढ़ाया गया तो बस मालिकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट, बंगाल बस सिंडिकेट, सिटी सब-अर्बन बस सर्विसेज समेत बाकी संगठनों ने भी बस किराए में बढ़ोतरी की मांग की है।

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